गजरौला(अमरोहा)। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों और कई बड़े शहरों से पैदल और साइकिलों पर लौट रहे 174 प्रवासी श्रमिकों को पुलिस-प्रशासन ने यहां हाईवे पर रोक लिया। इन सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद इन्हें पांच बसों में बैठाकर पूर्वांचल में गृह जनपदों को भिजवाया गया। इससे पूर्व पालिका ने सभी के भोजन और चाय-नाश्ते की भी व्यवस्था कराई।
बुधवार को दूसरे दिन भी प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भिजवाने का सिलसिला जारी रहा। तड़के से ही पुलिस-प्रशासन के साथ ही पालिकाकर्मी भी हाईवे पर मुस्तैद हो गए थे। दिल्ली की दिशा से पैदल और साइकिलों पर आ रहे इन प्रवासी श्रमिकों को एक निजी स्कूल के मैदान में रोका गया। वहां उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। इसके अलावा चौपला पर रोडवेज बस स्टैंड पर भी इन श्रमिकों को रोककर उनका ब्योरा एकत्र किया गया। फिर सभी को पालिका के ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में बैठाकर रमाबाई आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में बने आश्रय स्थल में भिजवाया गया। वहां फिर से इन सभी के नाम-पते नोट किए गए। साथ ही इन सभी के जनपदों के संबंध में जानकारी जुटाकर सूची बनाई गई। अधिकांश श्रमिक प्रयागराज, भदोही, लखनऊ, मिर्जापुर, बहराइच, बस्ती, गोंडा आदि जनपदों के रहने वाले थे। शाम को जिला मुख्यालय से रोडवेज की पांच बसें यहां भेजी गईं। इनमें 174 प्रवासी श्रमिकों को बैठाकर पुलिस अभिरक्षा में पूर्वांचल भिजवाया गया। तहसीलदार सदानंद सरोज, ईओ बिजेंद्र सिंह पाल, लेखाकार आदेश अग्रवाल, लेखपाल तेजपाल सिंह, नन्हें सिंह आदि भी मौजूद रहे।
ब्रजघाट में प्रशासन ने लगाई हैं 49 बसें
गजरौला। हापुड़ जिलाधिकारी अदिति सिंह के निर्देश पर बुधवार को भी ब्रजघाट में दिल्ली की दिशा से आ रहे सैकड़ों श्रमिकों को रोककर उन्हें रोडवेज बसों से पूर्वांचल की दिशा में गृह जनपदों को भिजवाया गया। यहां रात से ही पैदल और साइकिलों पर आ रहे श्रमिकों को गंगा नदी के पुल पर अमरोहा और हापुड़ जनपदों की पुलिस ने रोक दिया था। हालांकि भीड़ का फायदा उठाकर कई लोग गजरौला की ओर कूच कर गए थे लेकिन उन्हें यहां रोक लिया गया था। ब्रजघाट में रेलवे स्टेशन के पास स्थित पार्किंग स्थल पर रोडवेज की बसें लगी हुईं थीं। वहां श्रमिकों का नाम-पता नोटकर उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही भेजा गया। बता दें कि हापुड़ और अमरोहा के प्रशासन की वजह से हजारों लोगों की मुश्किल आसान हो गई है।