अमरोहा। बेसिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता शिक्षकों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। हालांकि, सेवानिवृत्ति में पांच साल शेष रहने वाले शिक्षकों को इससे छूट भी दी गई है। ऐसे में अब जिले में करीब 1500 शिक्षकों को टीईटी की परीक्षा से गुजरना होगा।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षकों को यह परीक्षा दो सालों के भीतर पास करनी होगी। वर्तमान में जिले के बेसिक स्कूलों में करीब पांच हजार शिक्षकों की तैनाती है। माना जा रहा है कि इसमें करीब 1500 शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं हैं। हालांकि, विभाग अभी ऐसे शिक्षकों का डाटा जुटा रहा है।
बेसिक स्कूलों में पहले बीटीसी व बीएड के आधार पर ही शिक्षकों की तैनाती की जाती थी लेकिन बाद में टीईटी की परीक्षा को अनिवार्य कर दिया गया था। बेसिक स्कूलों में अभी भी कई ऐसे शिक्षक हैं जो टीईटी उत्तीर्ण नहीं किए हुए हैं। ऐसे में इन शिक्षकों के सामने फिर से अपनी पढ़ाई को जारी कर टीईटी पास करने की चुनौती होगी।