अमरोहा। जिले में 1700 से अधिक बिजली के मीटर खराब है। उपभोक्ता ने निगम के पास मीटर को जमा कर दिया है। इसके चलते उपभोक्ता प्रति महीना औसत बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। इसके चलते निगम को प्रति महीना लाखों रुपये की आर्थिक चपत लग रही है। उपभोक्ता रोजाना कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। दरअसल उन्हें अंदेशा है कि एकमुश्त अंतर शुल्क जमा करना पड़ सकता है।
बिजली निगम के जिले में 2.18 लाख उपभोक्ता हैं। प्रति महीना कितना बिजली खपत किया है इसका पता उनके पास मीटर लगाया जाता है। यह इलेक्ट्रॉनिक मीटर है। यह उपभोक्ता के मकान या कामर्शियल के बाहरी हिस्से में लगता है। जिले के चार वितरण खंड के शहर और देहात में 1700 से अधिक मीटर खराब हो गए हैं। उपभोक्ताओं ने मीटर को मेंटीनेंस कराने के लिए जमा कर दिया है। अब निगम के इंजीनियर इन उपभोक्ताओं से प्रति महीना अनुमानित बिल वसूल रहा है। इसके अलावा मीटर का परीक्षण शुरू हो गया है लेकिन अब भी मीटर दुरुस्त नहीं हो सका है।
केस एक
अमरोहा के जलालपुर गांव निवासी शोभित के घर पर लगा मीटर खराब हो गया है। वह बिल हर महीने जमा कर रहे हैं। चार महीने में तीसरी बार बिजली ऑफिस का चक्कर लगा चुके हैं। मीटर की गड़बड़ी कब ठीक होगी। इसके बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है।
केस दो
अमरोहा के कांठ रोड निवासी गुलाब सिंह के घर में लगे मीटर में टेक्निकल खराबी आ गई थी। इसके बाद उन्होंने मीटर को बिजली ऑफिस में जमा कर दिया। करीब चार महीने हो गए लेकिन अब तक मीटर सही नहीं हो सका है। उन्हें अनुमानित बिल जमा करना पड़ रहा है।
जिले में 1700 बिजली के मीटर खराब है। मीटर को दुरुस्त करा रहे हैं। जल्द ही मीटर सही हो जाएंगे। संबंधित इंजीनियर को अवगत कराएंगे। इसके बाद उपभोक्ता के पास मीटर लग जाएगा।
- उत्तम चंद्र, अधिशासी अभियंता, मीटर