अमरोहा। बालक की हत्या करने के मामले में जिला जज की अदालत ने रिश्ते के बहनोई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि से 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने का निर्देश दिए हैं। फिलहाल आरोपी जमानत पर पर था, फैसला आने के बाद उसके कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के ढबारसी में बीती 20 अगस्त 2011 को हुई थी। यहां रहने वाला नौशाद अली दिल्ली में मजदूरी करता था। गांव में उसकी पत्नी और बच्चे रहते थे। जबकि पड़ोस में उसका रिश्तेदार इस्लाम का घर है। नौशद अली की पत्नी और इस्लाम की पत्नी आपस में बुआ-भतीजी हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि दोषी इस्लाम का बेटा दिव्यांग है। नौशाद का बड़ा बेटा और पत्नी इस्लाम के बेटे को दिव्यांग कहकर चिढ़ाते थे। एक बार नौशाद ने इस्लाम की पत्नी को थप्पड़ मार दिया था। जिसका बदला लेने के लिए इस्लाम ने नौशाद के छह साल के बेटे नदीम का अपहरण कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। 21 अगस्त को इस्लाम ने गांव के बाहर पानी भरे गड्ढे से नदीम का शव बरामद कराया था। इस शक के आधार पर नौशाद ने इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान इस्लाम ने नदीम की हत्या करना कबूल कर लिया और उसके कपड़े भी बरामद करा दिए थे। पुलिस ने इस्लाम को जेल भेज दिया था। फिलहाल इस्लाम जमानत पर जेल से बाहर था।
यह मुकदमा जिला जज संजीव कुमार की अदालत में चल रहा था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस्लाम को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।