ये घटना गजरौला थानाक्षेत्र के गांव नगला माफी में हुई थी। गांव में किसान शीलचंद सिंह का परिवार रहता है। 27 अक्तूबर 2020 को शीलचंद सिंह का बेटा अमित कुमार मुरादाबाद से दवाई लेकर घर आ रहा था। जैसे ही अमित कुमार कार लेकर अपने घर के सामने पहुंचा तभी सामने से गांव का ही सोनू भी बाइक लेकर आ गया। साइड देने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। तभी सोनू ने अमित के पर फायर कर दिया। जिसमें अमित बाल-बाल बच गया।
फायरिंग की आवाज सुनकर जैसे ही अमित के पिता शीलचंद घर से बाहर आए। तभी सोनू ने किसान शीलचंद को भी गोली मार दी। पेट में गोली लगने से शीलचंद लहूलुहान हो गए थे। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में शीलचंद के भाई मूलचंद ने आरोपी सोनू के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमला करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है। तमाम प्रयासों के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी।
ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर सोनू को दोषी करार दिया। वहीं बुधवार को न्यायालय ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए दोषी सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 41 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।