फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: जिले के अस्पतालों में आधे से भी कम डॉक्टर

Wed, 04 Dec 2024 01:43 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
अमरोहा में सीएमओ कार्यालय का भवन। संवाद - फोटो : संवाद
विज्ञापन
अमरोहा।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के दावों के बावजूद जिलेभर में स्वास्थ्य सेवा बदहाल हैं। अस्पतालों में आधे से ज्यादा डॉक्टर के पद खाली पड़े हैं। कई विशेषज्ञों की भी तैनाती न होने पर मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले की 32 सीएचसी-पीएससी पर 282 डॉक्टरों के पद है। हालांकि, इन पर 120 डॉक्टर ही तैनात है। इसमें भी रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र, हड्डी समेत कई विशेषज्ञ ही नहीं है। डॉक्टर के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। बार-बार शासन को पत्र लिखने के बाद भी डॉक्टरों के पद नहीं भर पा रहे है।
विज्ञापन

अमरोहा जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इन पर 282 डॉक्टर के पद स्वीकृत हैं। इनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, जनरल फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नाक कान गला विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, फोरेंसिक विशेषज्ञ, एमबीबीएस, परामर्शदाता और ईएमओ शामिल हैं। जबकि, सीएमओ के अधीन एक पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट भी होता है। लेकिन, कुल पदों के सापेक्ष केवल 120 डॉक्टर ही तैनात हैं। जबकि, 162 पद खाली पड़े हैं। विभागीय आंकड़ों की बात करें तो सीएचसी-पीएचसी पर किसी भी तरह के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। ऐसे में सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है।

रेफर सेंटर बनी हैं सीएचसी, बुनियादी सुविधाएं नदारद
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी बेहतर हैं, इसका अंदाजा सीएचसी में फैली अव्यवस्थाओं को देखकर लगाया जा सकता है। बात हसनपुर, गजरौला, ढबारसी, रहरा, अमरोहा नगर, बछरायूं, नौगांवा सादात, मुन्नीदेवी सीएचसी की करें तो यहां अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। न तो यहां समुचित चिकित्सकों की तैनाती है और न ही अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। कहने को मरीज यहां आते तो जरूर हैं, लेकिन प्रारंभिक उपचार देने के बाद उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
डॉक्टर-स्वीकृत पदखाली पद
स्त्री रोग विशेषज्ञ-119
बाल रोग विशेषज्ञ-7-6
जनरल सर्जन-8-8
रेडियोलॉजिस्ट8-8
पैथोलॉजिस्ट-33
पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट1-1
एमबीबीएस-78-25
-
सीएचसी-पीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद ही स्वीकृत नहीं
जिले की सीएचसी-पीएचसी का ये आलम है कि शासन से ही यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए पद ही स्वीकृत नहीं है। जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नाक कान गला विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं।
-
सीएचसी में लगे हेल्थ एटीएम फांक रहे धूल
मरीजों की खून की जांच कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे हेल्थ एटीएम धूल फांक रहे हैं। आलम ये है कि कई हेल्थ एटीएम पर न तो कर्मचारी तैनात किए गए हैं और न जांच शुरू हो सकी है। सभी एटीएम को विभिन्न मदों से लगाया गया था।

हसनपुर क्षेत्र के लोगों को इसकी उम्मीद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण करने का दावा किया जा रहा है। 32 बेड की सीएचसी को 50 बेड का बनाया जाएगा। यहां सभी बीमारियों से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने की बात कही जा रही है। अगर ये हुआ तो क्षेत्र के करीब 360 गांव और शहर-कस्बों के लाखों लोगों को आईसीयू, वेंटीलेटर, सिटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा एक ही बिल्डिंग में मिलेगी। इसके बाद मरीजों को दिल्ली-मुरादाबाद या मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। लेकिन, जिम्मेदारों के दावे क्षेत्र की जनता के लिए सिर्फ उम्मीद बने हुए हैं।
विज्ञापन


जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। ये स्थिति केवल अमरोहा की ही नहीं प्रदेशभर की है। अमरोहा की सीएचसी-पीएचसी में 282 पदों के सापेक्ष 120 डॉक्टर ही तैनात हैं। 162 पद खाली पड़े हैं। कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। शासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की गई है, जल्द ही मिलने की उम्मीद है।-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ अमरोहा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें