कैलसा के नौराहन में तेंदुआ पकड़े जाने के एक हफ्ते बाद अब गजरौला क्षेत्र में गुर्राहट सुनाई दी है। मंगलवार देर शाम नगर से तीन किलोमीटर (किमी) दूरी पर बसैली गांव के खेत में एक किसान को तेंदुआ दिखा। इसके बाद किसान वहां से भाग निकला। सूचना पर अगले दिन पुलिस और वन विभाग की टीम गांव पहुंची।
बता दें कि गांव बसैली निवासी आस मोहम्मद का गांव के बाहर ही खेेत है। आस मोहम्मद मंगलवार देर शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत पर गया था। उसकी नजर ईख के निकट स्थिज गेहूं के खेत पर पड़ी तो उसकी चीख निकल गई। आस मोहम्मद का कहना है कि, गेहूं के खेत में तेंदुआ था। तेंदुआ को देख कर उसने चीखते हुए गांव की ओर दौड़ लगा दी।
ग्रामीणों को तेंदुआ होने के बारे में जानकारी दी। अंधेरा होने से ग्रामीण उधर जाने का साहस नहीं कर सके, मगर पुलिस को जानकारी दी। इधर, बुधवार को पुलिस ने गांव पहुंच कर मस्जिद से अनाउंस कराया और ग्रामीणों को अकेले खेतों पर न जाने की नसीहत दी।
शाम के समय वन दरोगा राकेश कुमार टीम के साथ पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ कर पद चिह्न तलाशे। उनका कहना है कि, गेहूं के खेत में बड़े पंजे के निशान तो मिले हैं, जो जंगली जानवर के पद चिह्न होने की पुष्टि कर रहे हैं, मगर खेत सूखा था।जिससे स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि तेंदुआ के पंजों के निशान हैं। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। वन विभाग की टीम भी नजर रखे हुए है।
आस मोहम्मद की आंखों देखी
बसैली के किसान आस मोहम्मद ने बताया कि गांव के पास बगद नदी के पार उसका गेहूं का खेत है। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह साइकिल से खेत पर मेड़ ठीक करने गया था, अभी साइकिल खड़ी करके दो कदम आगे बढ़ा ही था। उसकी नजर खेत के बगल में स्थित ईख में पड़ी तो तेंदुआ ईख से बाहर की ओर आ रहा था। जानवर के शरीर पर काली पट्टी और गोल बिन्दी जैसे निशान(चकत्ते) थे। तेंदुए को देख कर वह साइकिल लेकर गांव की ओर दौड़ पड़ा और ग्रामीणों का जानकारी दी।
बसैली गांव के खेतों में तेंदुआ आने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। मेरा ग्रामीणों से अनुरोध है कि वह चौकस रहें, हो सकता है तेंदुआ आ गया हो, क्योंकि बसैली गांव का एरिया हस्तिनापुर वन सेंचुरी में आता है, तेंदुए की पुष्टि होने के बाद पिंजरा लगा कर उसे पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी, विभागीय टीम को नजर रखने को कहा गया है। इकबाल खान, वन रेंजर, मंडी धनौरा सेंचुरी।