रजबपुर (अमरोहा)। गांव पीठखेड़ा में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा सात दिन बाद भी खाली है। मंगलवार रात तेंदुआ पिंजरे के पास आया मगर, पिंजरे में बंधी बकरी का शिकार किए बिना ही चला गया। तेंदुए के नहीं पकड़े जाने से ग्रामीणों में दहशत है।
करीब दस दिन से पीठखेड़ा में लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा है। शिकार की तलाश में घूम रहा तेंदुआ अब तक कई पशुओं को निवाला बना चुका है। 17 जून की रात गांव निवासी रामवीर सिंह आम के बाग की रखवाली कर रहे थे। उनका कुत्ता साथ था। रात में तेंदुआ बाग से कुत्ते को उठाकर ले गया था। अगले दिन सुबह कुछ दूरी पर कुत्ते के अवशेष पड़े मिले थे। घटना के अगले दिन वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के पास पिंजरा लगाया था, जिसमें बकरी भी बांधी गई है।
वहीं, किसान रामवीर सिंह ने एक बार फिर से बाग के पास तेंदुए को देखने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि अब फिर से मंगलवार रात तेंदुआ पिंजरे के पास से होकर गुजर गया, लेकिन वह अंदर नहीं गया। जंगल में मौजूद कुत्ते तेंदुए को देख भौंकते रहे। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही तेंदुआ छलांग मारकर भाग गया। दोबारा से जंगल में तेंदुए के दिखने के बाद से ग्रामीणों में दहशत है।