गजरौला के गांव कांकाठेर के जंगल में ग्रामीणों से जानकारी करते वन रेंजर शीतल पंवार।
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
गंगा से सटे ग्रामीण अंचलों के जंगल में तेंदुआ डेरा डाले हैं। कांकाठेर में महिला पर हमला करने के बाद गांव ओसीदा जगदेवपुर में तेंदुआ दिखाई दिये जाने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। हालांकि इन दिनों गेहूं की कटाई और निकासी के चलते ग्रामीणों को मजबूर रात और दिन खेतों पर जाना पड़ रहा है। आलम ये है कि ग्रामीण झुंड बना कर खेतों पर जा रहे हैं।
रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे कांकाठेर गांव से दो किलोमीटर दूर गेहूं काट रही महिला सोमा पत्नी कलुआ पर तेंदुए ने हमला बोल दिया था। तेंदुआ गेहूं के खेत में ही छिपा था। तेंदुए के हमले में महिला जख्मी हो गई थी। खेत में मौजूद अन्य महिलाओं और पुरुषों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग निकला। कांकाठेर से सटे गांव ओसीता जगदेपुर में भी सोमवार की दोपहर में तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत है।
गांव के श्योराज सिंह, सचिन कुमार, राजकुमार, सचिन राणा ने बताया कि सोमवार की ओसीदा जगदेवपुर अंडरपास रेलवे लाइन से कुछ दूरी पर बंधा के पास उनका खेत है। दोपहर एक से दो बजे के बीच वह सभी खेत पर थे। उसी समय बंधा से सटी खंदी में तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुआ दिखने के बाद खेतों पर मौजूद लोगों ने भयवश घर की ओर रुख कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ क्षेत्र में ही घूम रहा है। जबकि इन दिनों गेहूं की कटाई की वजह से खेतों पर लोग आ जा रहे हैं। वन विभाग गंभीरता से तेंदुए को पकड़ने की योजना तैयार करे।