जिले में हर दिन तेंदुए का आतंक बढ़ रहा है। लोगों का लगातार तेंदुए सामान हो रहा है, तो अब वह हमलावर भी हो गया है। बीते महीने गजरौला के खजूरी के प्राइमरी स्कूल में तेंदुआ पहुंच गया था। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने डेरा डालने के साथ पिंजरा भी लगा दिया। तेंदुए आसानी से पिंजरे में कैद हो जाए, इसके लिए बकरा भी बांधा था, लेकिन कई दिन बाद भी तेंदुआ उसमें नहीं फंसा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि पिंजरे के आसपास तेंदुए के पंजे के निशान तो पाए गए, लेकिन वह पिंजरे में नहीं फंसा। उसके बाद नौगांवा सादात क्षेत्र में भी जैकेट कारीगर पर हमला करने के बाद पिंजरा लगाया गया, लेकिन तेंदुआ कैद नहीं हो सका।
इससे पूर्व रजबपुर, डिडौली व अमरोहा देहात में जगह-जगह पिंजरे लगे, लेकिन विभाग को निराशा ही हाथ लगी। अब नौगांवा तगा क्षेत्र में पंचायत सहायक सुधांशु पर तेंदुए के हमले के बाद शुक्रवार को खेताें की ओर पिंजरा लगाया गया। यही नहीं उसमें बकरी भी बांधी गई, लेकिन फिर से तेंदुआ उसमें नहीं फंसा। अधिकारियों का मानना है कि तेंदुआ एक जगह नहीं रुका रहा है। वह बार-बार लोकेशन बदल रहा है।
- तेंदुआ काफी चालाक जानवर है। आमतौर पर वह पिंजरे में आसानी से कैद नहीं हो पाता है। यही स्थिति जिले में सामने आ रही है। पिछले कुछ माह में छह से सात जगह पिंजरे लगाए गए। लेकिन, खाली ही रहे। जबकि, पिंजरों के आसपास में उसके पंजों के निशान देखे गए। इसकी वजह यह है कि वह लगातार लोकेशन बदल लेता है। तेंदुओं को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। एसपी सिंह, डीएफओ
खतरे से बाहर है सुधांशु की हालत
नौगांवा सादात। बृहस्पतिवार रात तेंदुए ने गांव नौगांवा तगा निवासी पंचायत सहायक सुधांशु पर हमलाकर बुरी तरह नोच दिया था। वह बाइक से गांव लौट रहे थे। उन्हें अमरोहा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, रात में हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे मुरादाबाद के अस्पताल में ले गए थे। सुधांशु के छोटे भाई हिमांशु ने बताया कि मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। उन्हें आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर लिया गया है। उनकी तबीयत में सुधार है। बताया कि तेंदुए के हमले से वह अभी भी दहशत में हैं।