अमरोहा। डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में जिलेभर के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। अमरोहा सदर तहसील में वकील पिछले चौदह दिनों से हड़ताल पर हैं, जबकि जिले की अन्य तहसीलों में भी अधिवक्ता धरना देकर सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध जता रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी वकीलों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहराया।
अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया को निजी कंपनियों के माध्यम से डिजिटल रूप में संचालित करने की योजना जनविरोधी है। यदि यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी गई तो प्रदेश भर के लाखों अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों, मुंशियों और टाइपिस्टों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के रोजगार को समाप्त करने वाला साबित हो सकता है। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और अधिवक्ताओं व संबंधित पेशों से जुड़े लोगों की राय लेकर ही कोई फैसला करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अमरोहा सदर तहसील में आयोजित धरने में यशपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, मिंजार हुसैन, शमीम अहमद तुर्क, अमजद इदरीसी, हबीब अहमद, मंसूर अहमद, शौकीन मंसूरी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर मौजूद रहे। वहीं नौगावां सादात तहसील में भी तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में डिजिटल रजिस्ट्री के विरोध में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष सर्वेंद्र यादव और सचिव संजीव कुमार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। धरने में हुसैन हैदर, अतुल चिकारा, कपिल यादव, दिनेश चौहान, सिब्ते हसन, मैराजुल जफर सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी।