अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में वकीलों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर विधेयक को वापस लेने की मांग उठाई। साथ ही एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पर पहुंचे। नारेबाजी कर अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम मसीहा नजम को सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सलीम खान ने कहा कि संशोधन बिल को कभी स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित बिल वकीलों के हित में नहीं है। बिल अधिवक्ताओं के विरुद्ध उनके वकालत पेशे की अस्मिता को समाप्त करने के लिए एक साजिश के तहत लाया गया है, जो निंदनीय है।
वकीलों ने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने की मांग की। महासचिव सतीश कुमार त्यागी ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए सभी जनपदों में चैंबर की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा समस्त न्यायालय के कक्ष में सीसीटीवी कैमरों को लगवाया जाए। इस मौके पर इस मौके पर प्रमोद कुमार, शबा चौधरी, अतुल कुमार, चंचल, इमरान खान, रविंद्र सिंह, जावेदखान, हुकुम सिंह, शाहनवाज मौजूद रहे।
समस्याओं के समाधान की मांग उठाई
अमरोहा। जनपद अमरोहा बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वकीलों ने मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। एसोसिएशन के अध्यक्ष सफदर हुसैन ने वकीलों के साथ कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। कहा कि अधिवक्ता संविधान के रक्षक होते हैं, जो लोगों को न्याय दिलाने का कार्य कराते हैं। इसलिए वकीलों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, इसके लिए कानून लागू होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिषदों में निर्वाचित सदस्यों के अतिरिक्त कोई समाहित न किए जाए व उनके लोकतांत्रिक स्वरूप को यथावत रखा जाए। प्रदेश के वकीलों का 10 लाख का मेडिक्लेम व किसी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर 10 लाख की बीमा राशि प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। इस मौके पर हुकुम सिंह, शाहनवाज, यूसुफ, जाहिद, नाजिम, शमीम आदि मौजूद रहे।
जिला टैक्स बार एसोसिएशन ने रखी हड़ताल
अमरोहा। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन लखनऊ के आह्वान पर जिला टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हड़ताल रखी।
अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल का विरोध किया। बार सचिव अमित खंडेलवाल ने कहा कि शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। टैक्स बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं ने उपरोक्त संशोधन बिल का विरोध किया। इस मौके पर बार अध्यक्ष मशकूरुल हसन, पुनीत माथुर, पंकज सक्सेना, वसीम यूसुफ, सैफुल हसन, शिव कुमार, जावेद खुर्शीद मौजूद रहे। उधर, नौगांवा सादात में भी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह चौधरी ने कहा कि शुक्रवार को सभी अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता कानून में होने वाले बदलाव से परेशानी बढ़ेंगी, बिना वजह की अधिवक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। इस मौके पर अशरफ अली, अवधेश, अजय भटनागर, हुसैन हैदर मौजूद रहे।
बिल के विरोध में पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा
मंडी धनौरा। बार एसोसिएशन ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किए जाने व उसमें सरकार द्वारा किए गए संशोधन के विरोध में कानून मंत्री के नाम पांच सूत्री एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें कानून मंत्री से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लिए जाने की मांग की गई है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश त्यागी ने कहा कि सरकार बार कौसिंल ऑफ इंडिया में वकीलों की जगह अपने प्रतिनिधि बिठाकर उनकी आवाज को दबाना चाहती है। संशोधन बिल में वकीलों की जगह हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। ज्ञापन में अधिवक्ताओं का 10 लाख रुपये का मेडिक्लेम व मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान करने की मांग की गई है। इस मौके पर महासचिव ओमवीर सैनी, तिलकराज चौहान, कुलवीर सिंह, अनुराग कुमार, प्रदीप अग्रवाल, संदीप गुप्ता, आलोक भारती आदि शामिल रहे। संवाद