गजरौला(अमरोहा)। गंगापार गुलालपुर में मेरठ में सीना के रहने वाले गोलू उर्फ अनिरुद्ध और नोएडा में बोड़ाकी निवासी रतनपाल भाटी की हत्या की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिस अनिरुद्ध को पुलिस अब तक फार्म हाउस का मालिक मानकर जांच आगे बढ़ा रही थी, उसके व उसके परिवार के नाम खादर में कोई जमीन है ही नहीं। जबकि दूसरे मृतक रतनपाल भाटी के नाम पर कई जमीनें राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज हैं। एक परिचित ने फार्म हाउस भी रतनपाल का ही होने का दावा किया है।
फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। अशोक नाम का हिस्ट्रीशीटर इस दोहरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड बनकर सामने आया है।
अब सवाल ये है कि जब गोलू उर्फ अनिरुद्ध या उनके परिजनों के नाम वहां कोई जमीन नहीं है तो फिर रतनपाल के पास क्यों रुके हुए थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्यारोपी रतनपाल की हत्या करने आए थे। एफआईआर के मुताबिक 8 अक्तूबर को अशोक नाम के हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ फार्म हाउस पर पहुंचकर रतनपाल को ही जान से मारने की धमकी दी थी। ये भी चर्चा है कि रतनपाल ने हत्या से करीब 15 दिन पहले अपनी जान को खतरा बताते हुए गजरौला थाने में शिकायतीपत्र दिया था। हालांकि पुलिस इन सभी सवालों के जवाब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद देने की बात कर रही है।
वहीं एसडीएम धनौरा राजीव राय ने बताया कि मृतक गोलू उर्फ अनिरुद्ध या उनके पिता स्वप्निल यहां कोई जमीन नहीं हैं। गोलू उर्फ अनिरुद्ध यहां क्यों रह रहे थे, ये पुलिस की विवेचना का हिस्सा है। वहीं हत्याकांड में एफआईआर दर्ज कराने वाले मृतक अनिरुद्ध उर्फ गोलू के भाई कविकेश से जमीन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तुरंत फोन काट दिया।
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ये है प्रशासन की रिपोर्ट
घटनास्थल से जुड़ी जमीन मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में आती है। घटना वाले दिन एसडीएम मंडी धनौरा ने अपनी रिपोर्ट उच्चधिकारियों को सौंपी। जिसमें बताया गया है कि मृतक रतनपाल पुत्र चेतराम के नाम राजस्व अभिलेखों में खाता संख्या 327 गाटा संख्या 37/5 रकबा 0.8300 हेक्टेयर व 38/1 रकबा 0.4300 हेक्टेयर और खाता संख्या 328 गाटा संख्या 37/4 रकबा 1.2600 हेक्टेयर श्रेणी -दो के भूमिधर के रूप में दर्ज खातेदार है। एसडीएम ने यह भी दावा किया कि रतनपाल की जमीन के संबंध में एक वर्ष पूर्व से तहसील स्तर, जनपद स्तर, शासन स्तर और आईजीआरएस पोर्टल पर भी किसी प्रकार के भूमि विवाद की शिकायत नहीं मिली है। इतना ही नहीं इस जमीन के संबंध में तहसील के किसी भी राजस्व न्यायालय में बंटवारा, पैमाइश व अन्य कोई राजस्व वाद दर्ज या विचाराधीन नहीं है।
गुलालपुर में अनिरुद्ध उर्फ गोलू या उनके पिता स्वप्निल के नाम पर कोई जमीन नहीं हैं। गोलू उर्फ अनिरुद्ध के वहां आने-रहने को कारण पुलिस वाले बता पाएंगे। मौखिक कोई कुछ भी कहता रहे। लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम कोई जमीन नहीं हैं। बाकी पुलिस की जांच में स्पष्ट हो जाएगा।
-राजीव राय, एसडीएम, मंडी धनौरा