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Amroha News: लक्ष्मण को लगी शक्ति, श्रीराम की आंखों में आए आंसू

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अमरोहा।
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श्री धार्मिक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित आदर्श रामलीला महोत्सव में लक्ष्मण को शक्ति लगने की लीला का मंचन किया गया। शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते है, जिसे देखकर लक्ष्मण मूर्छित हो गए। यह देखकर भगवान श्रीराम की आंखों में आंसू आ जाते है। इसके अलावा हनुमान मकरध्वज युद्ध, रावण द्वारा दिव्य शक्तियों का आह्वान करना, श्रीराम द्वारा दुर्गा पूजा लीला का भी मंचन किया गया।
रामलीला महोत्सव में लक्ष्मण-मेघनाद का युद्ध होता है। जिसमें मेघनाद लक्ष्मण पर वीर घातिनी शक्ति का प्रहार करता है, जिससे लक्ष्मण बेहोश हो जाते है। हनुमान जी संजीवनी बूटा लाकर उनके प्राण बचाते हैं। इस पर रावण का कुंभकरण को जगाना, रावण कुंभकरण संवाद, कुंभकरण वध, मेघनाद द्वारा निकुंभला देवी की पूजा, लक्ष्मण मेघनाद युद्ध ने सभी का मन मोह लिया।
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मार्मिक एवं हृदय स्पर्शी प्रसंग श्री दुर्गा सीनरी कला केंद्र मेरठ के कलाकारों द्वारा किया गया। मंचन देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। इस दौरान कमेटी के संरक्षक रमेश कालू, अजय अग्रवाल, करुणेश गोयल, विनोद गुप्ता, कमेटी के अध्यक्ष विशाल गोयल, महामंत्री शार्दुल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कुंवर विनीत अग्रवाल, संजीव सैनी, प्रेम रघुवंशी, अमित रस्तोगी, गजेंद्र मौजूद रहे। उधर, बृहस्पतिवार रात हुए रामलीला मंचन में लंका दहन हुआ। हनुमान को लंका के सैनिकों ने बंधक बना लिया। जिसके बाद हनुमान ने लंका को जलाकर राख कर दिया।
माता सीता की खोज करते हुए शबरी आश्रम पहुंचे प्रभु श्रीराम
कैलसा। गांव जलीलपुर बक्काल में हो रही रामलीला में सीता हरण के बाद प्रभु राम उन्हें तलाशते हुए शबरी से मिलते हैं। सीता हरण के बाद प्रभु श्रीराम व्याकुल हो जाते हैं। वह पेड़ पौधों से सीता का पता पूछते हैं कि तभी उन्हें शबरी से मिलन होता है। जूठे बेर खाकर उसका उद्धार करते हैं। शबरी ने बताया कि आगे पर्वत पर सुग्रीव से भेंट करेंगे। बाली के वध, लंका के लिए प्रस्थान का मंचन किया।
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पतेई खालसा और इकोंदा में लंका दहन की लीला का मंचन
डिडौली।
श्री आदर्श रामलीला समिति के संयोजन में चल रही रामलीला में डिडौली में सीता हरण व पतेई खालसा, इकोंदा गांव में चल रही रामलीला मंचन के दौरान राम से शबरी की भेंट, सुग्रीव की मित्रता, खर-दूषण वध, पवन पुत्र हनुमान द्वारा लंका दहन की लीला का सजीव मंचन किया। डिडौली में चल रही राम लीला में सूर्पनखा वन जाती है और राम लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती है। वह उनसे शादी का प्रस्ताव रखती है। मना करने पर वह सीता जी पर हमला करने को तत्पर होती है। तो लक्ष्मण ने सूर्पनखा के नाक- कान काट देते हैं। इसके बाद खर दूषण का वध, रावण के द्वारा सीता का हरण, लंका दहन लीला का मंचन किया गया। पतेई खालसा रामलीला में पहुंचे सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा का रामलीला समिति पदाधिकारियों ने उन्हें श्रीराम परिवार की मूर्ति भेंट कर स्वागत किया। रामलीला में लंका दहन की लीला मंचन किया गया।
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