बसंत विहार और सैफी नगर की 20 हजार से अधिक आबादी का आवागमन सुगम करने के लिए रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज के नीचे सड़क बनाने में फिर वन विभाग ने रोड़ा अटका दिया है। वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने सड़क निर्माण की अनुमति देने के लिए नगर पालिका से चार बिंदुओं पर एनओसी मांगी है।
नगर के बसंत विहार मोहल्ला और सैफी नगर मोहल्ले के बीच में बदायूं-बिल्सी, बिजनौर मार्ग पर रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बना है। इसके नीचे सड़क बनाए जाने की नागरिक दशकों से मांग उठा रहे हैं, जिससे दोनों मोहल्लों की करीब 20 हजार की आबादी का आवागमन सुगम हो। सड़क बनाने के लिए पालिका प्रशासन ने कई बार तैयारी की। दीन दयाल उपाध्याय नगर पंचायत योजना के तहत पालिका को करीब चार करोड़ रुपये भी मिल गए।
लेकिन काम शुरू होता इससे पहले ही वन विभाग ने रोड़ अटका दिया। बीते महीने जिले में आए प्रभारी मंत्री केपी मलिक के सामने नागरिकों ने सड़क का मुद्दा उठाया। उन्हें वन विभाग की अड़चन से भी अवगत कराया था और वन विभाग से एनओसी दिलाने की मांग की थी। प्रभारी मंत्री पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भी है। प्रभारी मंत्री के निर्देश पर ईओ ललित कुमार आर्य, हसनपुर रेंजर नरेश कुमार, डिप्टी रेंजर सुमित राठी ने सड़क बनाने के लिए संयुक्त रूप से उसकी पैमाइश कराई कि कितनी लंबी और चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। भूमि किस विभाग की है। उस पर पेड़ तो नहीं खड़े हैं आदि का उल्लेख कर उसे वन विभाग को भेजा।
इस पर वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक लखनऊ ने आपत्ति लगा दी। सड़क बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने से पहले एनओसी मुहैया कराने के निर्देश दिए। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि चार बिंदुओं पर एनओसी मांगी गई है। पालिका एनओसी के प्रयास में जुट गई है। एनओसी लेने के बाद सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।