अमरोहा। लैब टेक्नीशियन के दो पदों पर हुई भर्ती को डीएम बीके त्रिपाठी ने निरस्त कर दिया है। उन्होंने यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद की है। डिप्टी कलक्टर की जांच में स्वास्थ्य कर्मी भी रिश्वत मांगने का दोषी मिला है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब नए सिरे से भर्ती की प्रक्रिया होगी।
अमरोहा जिले में लैब टेक्नीशियन के लिए दो पद पर नियुक्ति होनी है। इसके लिए तीस जून को सीएमओ कार्यालय में साक्षात्कार हुआ था। डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम संजय बंसल, सीएमओ डॉ सौभाग्य प्रकाश, डीटीओ मुमताज अंसारी और पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कुमार की मौजूदगी में दोपहर बारह बजे से शाम तीन बजे तक 14 अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए थे। लेकिन साक्षात्कार समाप्त होने के थोड़ी देर बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो गया था। ऑडियो में टीवी विभाग में तैनात एक कर्मचारी फोन करने वाले व्यक्ति से कहता है कि अगर तुम्हारा मन हो, तो चार लाख रुपये का रेट चल रहा है। आज इंटरव्यू है, इंटरव्यू देने के लिए आ जाओ और थोड़े-बहुत पैसे लेकर आना। करीब 4 मिनट 34 सेकेंड ऑडियो में स्वास्थ्य कर्मी सौ प्रतिशत ज्वाइनिंग की गारंटी ले रहा था। ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। डीएम ने डिप्टी कलेक्टर संजय बंसल को जांच सौंपी था। जबकि सीएमओ डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने डॉ. राजकुमार, डॉ. गोपीलाल और डॉ. विनोद कुमार की तीन सदस्य कमेटी बनाई थी। दोनों तरफ से चली जांच का अधिकारियों ने निचोड़ निकाला। डिप्टी कलक्टर की जांच में स्वास्थ्य कर्मी दोषी पाया गया। यह भी स्पष्ट हो गया कि सौदेबाजी करने वाला प्रेमपाल नाम का व्यक्ति साक्षात्कार में शामिल नहीं हुआ था। चूंकि प्रकरण मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा था। इसलिए डीएम बीके त्रिपाठी ने बुधवार को भर्ती को निरस्त कर दिया है। साथ ही सीएमओ को आरोपी स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम का वर्जन
जांच अधिकारी डिप्टी कलक्टर ने ऑडियो प्रकरण की रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में प्रथम दृष्टया स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी दोषी मिला है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन की भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। बालकृष्ण त्रिपाठी, डीएम