खादर के गांव दारानगर के घरों में भरा बाढ़ का पानी।
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खिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा सता रहा था। बाढ़ के चलते खादर के लोगों ने अपना घर छोड़ना शुरू कर दिया है। मंगलवार को करीब दो सौ लोगों ने अपना गांव छोड़कर रिश्तेदारी की तरफ रुख कर लिया। कुछ ग्रामीण अपने पशुओं को भी साथ ले गए हैं।
मंगलवार सुबह से ही खादर के ग्रामीणों का घर छोड़ने का सिलसिला जारी हुआ। शीशोवाली से महिपाल, विजय और लाल सिंह अपने अपने बच्चो को लेकर चले गए। ये तीनों ही परिवार अपनी भैंस भी साथ ले गए।
उधर जाटोवाली से भी दर्जनों लोगों ने किनारा कर लिया। टीकोवाली में छोटू, प्रमोद, प्रेमपाल और नन्हें सहित कई लोग अपने परिवारों को लेकर रिश्तेदारों के घर चले गए। भुड्डीवाली से करीब 40 लोग अपने अपने बच्चों को भी ले गए। ग्राम प्रधान नानक ने बताया कि उनकी पंचायत में लगने वाले चार गांव से सौ से ज्यादा महिला, जवान और बच्चे चले गए हैं। गांव छोड़कर जाने वालों परिवारों में केवल एक एक सदस्य ही घर रुका है। वो भी बुजुर्ग है।
बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से खादर में बसे गांव को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। अब पिछले एक सप्ताह से लगातार पानी बढ़ रहा है, जोकि सभी गांव में घुस चुका है। हालांकि गांव में ऊंचाई पर बने मकानों तक तो पानी नहीं पहुंच पाया, लेकिन जिन लोगों के घर गहराई में हैं। उनके घरों में पानी जरूर पहुंच गया है। जिससे मकानों के गिरने का भी खतरा बना हुआ है। बाढ़ से तबाही का खतरा भांपते हुए लोगों ने अपने बच्चो महिलाओं को खुद ही रिश्तेदारी में भेजना शुरू कर दिया। बाढ़ खत्म होने पर ये लोग लौट आएंगे।