अमरोहा के रोडवेज से बस पर कांवड़ रखते शिवभक्त।
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महाशिवरात्रि के नजदीक आते ही कांवड़ियों का हरिद्वार जाने व वहां से कांवड़ लेकर वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। हाईवे पर बम-बम भोले के जयकारे सुनाई देने लगे हैं। बुधवार को कांवड़ियों के कई जत्थे हरिद्वार से लौटते देखे गए। लेकिन अभी तक कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन का कोई प्लान तैयार नहीं किया गया है।
चौदह फरवरी को महाशिवरात्रि का त्योहार है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर हरिद्वार एवं ब्रजघाट से क्षेत्र के लाखों को शिवभक्त कांवड़ लेने जाते हैं। बदायूं, बबराला, बुलंदशहर, अनूपशहर आदि के शिवभक्त भी गजरौला से होकर ही हरिद्वार जाते हैं। और फिर गजरौला से होते हुए ही वापस गंतव्य की तरफ जाते हैं। शिवभक्तों का हरिद्वार से कांवड़ लेने जाने का सिलसिला तो कई दिन पहले ही शुरू हो गया था। लेकिन दूर के शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर वापस लौटने भी शुरू हो गए हैं। बुधवार को हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों के कई जत्थे हाईवे पर जाते हुए देखे गए। हाईवे पर बम-बम भोले के जयकारे सुनाई देने लगे हैं। लेकिन शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन का अभी तक कोई प्लान तैयार नहीं किया है।