गजरौला। कार्तिक अमावस्या पर ब्रजघाट व तिगरी गंगा में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पतित पावनी में स्नान कर श्रद्धालुओं ने पुण्य कमाया। ब्राह्मणों, पुरोहिताें को दान दक्षिणा दी। गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराए।
कार्तिक अमावस्या के दिन रोशनी का त्योहार दिवाली मनाया जाता है। पंडित गंगा शरण शर्मा व पंडित दयानंद शर्मा के मुताबिक कार्तिक माह भगवान विष्णु का माना जाता है। इस महीने में धार्मिक अनुष्ठान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भगवान राम भगवान विष्णु के अवतार हैं। वह लंका पर विजय के बाद दिवाली के दिन अयोध्या में वापस आए। इसलिए दिवाली के दिन धार्मिक प्रवृत्ति के लोग गंगा में स्नान कर और पुरोहितों व ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर पुण्य कमाते हैं। पुण्य कमाने की लालसा लिए श्रद्धालु शनिवार की तड़के गंगा तट पर पहुंचे। सूर्य की किरण निकलने से पहले ही हर हर गंगे के उदघोष संग पतित पावनी में स्नान शुरू कर दिया। गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने हवन, कथा आदि धार्मिक अनुष्ठान कराए। प्रसाद वितरण कर सुख समृद्धि की कामना की। तड़के शुरू हुआ स्नान का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।