निर्धा अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन राजकुमार ने शुक्रवार को एक औद्योगिक इकाई के अतिथि गृह में जिलाधिकारी बीके त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार लांग्हे, अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत शुक्ल व समस्त सीओ के साथ बैठक की। इस दौरान एडीजी ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निर्देश दिए कि सभी कांवड़ जत्थेदारों के साथ दोबारा बैठक कर लें। उनको समझाया जाए कि कोई भी वाहन की छत पर बैठ कर या खड़े होकर यात्रा नहीं करेगा। पुलिस-प्रशासन के निर्धारित किए गए मार्ग पर अपने वाहन से या पैदल यात्रा करें।
कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की आवाज मानक के अनुसार रखी जाए और केवल धार्मिक गीत ही बजाए जाएं। मंदिरों पर पुलिस मुस्तैद करने व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने के निर्देश दिए। हिदायत दी कि रूट डायवर्ट में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। गोकशी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ ही बीते दस साल में गोकशी की घटनाओं में लिप्त या प्रकाश में आए आरोपियों का सत्यापन कराने को कहा। निर्देश दिए कि सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के धर्म गुरुओं, जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और व्यापारियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें। जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी मदद ली जा सके। सभी मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और देर रात्रि तक थाना क्षेत्र की पोस्टर पार्टी से धार्मिक स्थलों की चेकिंग कराने के निर्देश दिए। कोई भी घटना सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने, अधिक से अधिक संख्या में पुलिस के पहुंचने को कहा। एडीजी ने प्राथमिकता के आधार पर जनता की शिकायतों का निस्तारण करने और थाना स्तर पर भी जनता की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के निर्देश दिए। मोहर्रम को लेकर सभी आयोजकों से वार्ता करने और जुलूस परंपरागत मार्गों से निकालने के साथ ही ताजियों की ऊंचाई पर भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक के बाद एडीजी ने रजबपुर कस्बे में पैदल मार्च किया।