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Amroha News: कमाल अमरोही... बाॅलीवुड में भी लहराया जिनके नाम का परचम

Mon, 20 Jan 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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कमाल अमरोही
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अमरोहा। यूं तो अमरोहा से आने वाली शख्सियतों ने देश-विदेश में अपना झंडा बुलंद कर अमरोहा को एक नई पहचान दी है, लेकिन यहां की तंग गलियों से निकलकर बॉलीवुड में अपने निर्देशन, डायलॉग और गीत लेखन से सैयद अमीर हैदर यानी कमाल अमरोही ने शहर का जो नाम रोशन किया। वह आज भी उनको यहां के लोगों के दिलों में जिंदा रखे हुए है।
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हालांकि, अमरोहा में उनका पुश्तैनी मकान ही अब उनकी आखिरी निशानी है, जहां उनके जीवन से जुड़ी कई चीजें उनके स्वर्णिम दौर को याद दिलाती हैं। 17 जनवरी 1918 को अमरोहा मोहल्ला लकड़ा में सैयद अनीस हसन हिलाल के घर एक बच्चे का जन्म हुआ। नाम रखा गया सैयद अमीर हैदर। बचपन के शुरुआती दौर से इस बच्चे को लेखन और गीत लिखने की लगन लग गई। कई पत्रिकाओं का संपादन भी किया। युवावस्था तक आते-आते सैयद अमीर हैदर ने अपने काम से ऐसा कमाल किया कि दुनिया उनको कमाल अमरोही के नाम से जानने लगी। खुद के साथ-साथ उन्होंने अमरोहा को भी एक अलग पहचान दिलाई।
बॉलीवुड में दस्तक दी तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। कई फिल्मों के संवाद लेखन व गीत लिखकर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी थी। जिस तरह के संवाद उन्होंने लिखे, ऐसे संवाद बॉलीवुड में पहले कभी नहीं लिखे गए थे।
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अमरोहा में पुश्तैनी मकान एक मात्र निशानी
अमरोहा के मोहल्ला लकड़ा में आज भी उनका पुश्तैनी मकान है। अमरोहा के लिए यह मकान उनकी इकलौती यादगार है। इसकी देखरेख करने वाले शख्स का भी इंतकाल हो गया है। उनकी बेटी सैयदा रूखसार अमरोही अक्सर इस मकान पर आकर अपने बाबा के साथ गुजारे लम्हों को तरोताजा करती हैं। उनके जीवन से जुड़ी कई यादगार चीजें आज भी इसी मकान में सलामत रखी हुई हैं।
बाबा के नाम पर हो कोई यादगार निर्माण
भले ही कमाल अमरोही ने देश-दुनिया से इस शहर की पहचान कराई हो। लेकिन आज उनके पुश्तैनी मकान के अलावा इस शहर में उनसे जुड़ी कोई और पहचान नहीं है। उनकी बेटी सैयदा रुखसार अमरोही को भी इस बात का दर्द सालता है कि उनकी याद में अमरोहा में कोई स्वागत द्वार अथवा सड़क का नामकरण नहीं हो सका। वह कहती हैं कि स्थानीय प्रशासन को इस बारे में पहल करनी चाहिए। जिससे आने वाली पीढ़ी भी उनके नाम और काम काे याद रख सके।
देश में रहकर काम करने को दी तवज्जो
सैयदा रूखसार अमरोही बताती हैं कि बाबा को अपने शहर और वतन से बेइंतहा लगाव था। यही वजह थी कि उस वक्त आजादी के बाद हुए बंटवारे में उनके खानदान के दूसरे लोग पाकिस्तान चले गए, तब उन्होंने अपने देश व शहर में रहकर ही काम करने को तवज्जो दी।
रूपहले पर्दे पर दिखेगी कमाल की कहानी

बॉलीवुड में अपनी धाक जमाने वाले कमाल अमरोही के जीवन से जुड़ी कहानी जल्द ही रूपहले पर्दे पर दुनिया के सामने होगी। उनकी बेटी बताती हैं कि बाबा के जीवन पर जल्द ही फिल्म का निर्माण शुरू किया जाएगा। जिसकी तैयारियां चल रही है। फिल्म में कौन किरदार होंगे, इस पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।
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