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Amroha News: न कोच और न संसाधन, कैसे निखरे कबड्डी खिलाडियों की प्रतिभा

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अमरोहा। जिले की प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए बनकर तैयार हुए स्टेडियम कई खेलों के कोच व सुविधाओं का अभाव है। विशेषकर कबड्डी की बात की जाए तो यहां इस खेल के लिए कोई संसाधन ही उपलब्ध नहीं है। कबड्डी खिलाडियों को उम्मीद थी कि स्टेडियम बनने के बाद उन्हें यहां प्रशिक्षण का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जबकि, जिले में कबड्डी के कई प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।
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गत वर्ष फरवरी माह में गांव मालीखेड़ा में बनकर तैयार हुए स्टेडियम को खेल विभाग के सुपुर्द किया गया। जिसके बाद उम्मीद आस लगाई जा रही थी कि हर खेल के खिलाड़ियों को यहां सुविधा मिलेगी। अभ्यास का मौका मिलेगा और प्रशिक्षण भी आसानी से मिल पाएगा। क्रिकेट के लिए पिच तो तैयार हो रही है, लेकिन कबड्डी के लिए यहां कोई सुविधा नहीं मिल सकी है। खास बात यह है कि जिले में कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्रदेश स्तर पर कबड्डी में पहचान बनाई है। कबड्डी खिलाड़ी स्टेडियम होने के बाद भी दूर दराज के जिलों में प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं।
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पर्याप्त बजट न मिलना रोड़ा
स्टेडियम में सुविधाएं न मिलने का सबसे बड़ा कारण पर्याप्त बजट न मिलना है। ऐसे में खेल प्रतिभाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन से पर्याप्त बजट न मिलने से ही स्टेडियम में कोच की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। कोच की व्यवस्था न होने से स्टेडियम पहुंचने वाली प्रतिभाओं का रुख दूसरे जिलों की ओर है।
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खिलाड़ी आदित्य ने बताया कि स्टेडियम में कबड्डी के लिए कोई सुविधा न होना दुर्भाग्य की बात है। स्टेडियम में सभी कबड्डी के लिए कोच नियुक्त हों और संसाधन मिले तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
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कबड्डी खिलाड़ी लवजीत का कहना है कि जिले में कई प्रतिभाएं हैं। लेकिन, उन्हें जिला स्तर पर बड़ी सुविधा नहीं मिल पा रही है। स्टेडियम में भी कोच और संसाधन न होना हमारे लिए अफसोस की बात है। शासन स्तर से सुविधा मिलनी चाहिए।
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खिलाड़ी मोनी ने बताया कि उम्मीद थी कि स्टेडियम में उन्हें तैयारी करने का मौका मिलेगा, लेकिन शासन की अनदेखी से ऐसा नहीं हो सका है। उन्हें दूसरे जिलों में तैयारी के लिए जाना पड़ रहा है। खेल विभाग को इस ओर ध्यान देना जरूरी है।
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पूर्व जब यहां स्टेडियम नहीं था तो विभाग की ओर से कबड्डी के दो कोच भी तैनात किए हुए थे। लेकिन, जब से स्टेडियम बना है तब से न तो कोच की तैनाती हुई और न ही अन्य सुविधाएं मिल सकी हैं। मेरी ओर से विभागीय अधिकारियों से पत्र भेजकर कबड्डी के कोच स संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। भोले सिंह पंवार,
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पूर्व चयन कर्ता राष्ट्रीय स्तर (कबड्डी), माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश
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