कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला में सत्ता के नशे में मकान गिराने, जबरन जमीन का बैनामा कराने और फर्जी मुकदमे में फंसाने के मामले में आखिरकार कई दिन की जद्दोजहद के बाद एसपी के आदेश पर पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर के साले और सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पीड़ित ने परिवार संग तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही सपा नेताओं में खलबली मच गई है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला निवासी कुंवरपाल राणा पुत्र विसंभर पत्नी और बच्चों के साथ 10 अप्रैल को अमरोहा कलेक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठा था। उसका कहना था कि सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमाल अख्तर के साले नदीम चौधरी और सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फैसल अल्वी समेत छह लोगों ने दबंगई दिखाते हुए शाहपुर कला में रहरा रोड किनारे बना मकान जबरन गिरा दिया था। अवैध रूप से नया निर्माण कर लिया था। यहीं नहीं पिता का अपहरण कर जबरन बैनामा करा लिया गया था।
इससे आहत पिता की सदमे में मौत भी गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई तो दबंगों ने उसी के खिलाफ साजिश करते हुए खाद्य अपमिश्रण के मुकदमे में फंसा दिया। पीड़ित लगातार जिम्मेदार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने के लिए चक्कर काटता रहा। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद पीड़ित तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मिला। न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बावजूद भी दबंगों के अत्याचार नहीं थमे। कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए अफसरों ने शांत कर घर भेज दिया था।
मामले में एसडीएम ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश एसएचओ को दिया था। अगले ही दिन रिपोर्ट दर्ज करने संबंधी आदेश को रद कर दिया गया। मंगलवार को पीड़ित ने तहसील दिवस में एसपी से इंसाफ की गुहार लगाई थी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज करने आदेश कर दिए। कोतवाली निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर नदीम चौधरी पुत्र हामिद अली निवासी उझारी फैसल अल्वी निवासी शाहपुर कला, हैबतपुर बंजारा निवासी नसीम अहमद व अशरफ ठेकेदार, पूर्व प्रधानपति शाहपुर कला साबिर व कालाखेड़ा निवासी मुजाहिद अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।