अमरोहा कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपते जाट।
- फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में जाटों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर केंद्र में ओबीसी में शामिल करने की मांग की है। वहीं, तत्काल समस्याओं को समाधान नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की के संसद के आगामी सत्र में दृढता के साथ राष्ट्रीय सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग बिल पास कराकर जाटों को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जायेें। हरियाणा प्रदेश में आंदोलन के दौरान शहीद हुए जाटों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में शान्ति पूर्वक आन्दोलन कर रहें जाटों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाए। उत्तर प्रदेश में जाटों को ओबीसी के तहत मिल रहे आरक्षण को यथावत रखने के लिए उचित पैरवी की जाए, साथ ही समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के साथ मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के समझौता वार्ता पर लिए गए निर्णयों पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान विकास चौधरी, कुलवीर सिंह, आमोद चौधरी, सुनीत कुमार, दिनेश सिंह, अजय डागर, चन्द्रपाल सिंह, युद्धवीर सिंह, कुसुम लता, बबीता देवी, अजीत चौधरी, भूदेव प्रधान, मनोज चौधरी, भगत सिंह, नरेन्द्र सिंह व अरविन्द अम्हेडा सहित भारी संख्या में जाट मौजूद रहें।