गजरौला। सिंचाई विभाग के ठेकेदार देव ऋषि उर्फ दीपक व उनके चालक इंद्रपाल की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम से वापस ले ली है। अब थाना प्रभारी मनोज कुमार इस प्रकरण की जांच करेंगे।
गजरौला के शुक्लपुरी मोहल्ला निवासी देव ऋषि सिंचाई विभाग के ठेकेदार थे। क्षेत्र के ही गांव चौबारा निवासी इंद्रपाल उनकी कार चलाते थे। दीपक का अवंतिका नगर में कार्यालय है। 29 मई की सुबह कार्यालय के बरामदे में ठेकेदार व उनके चालक के शव मिले थे। दोनों की मौत को करीब साढ़े तीन महीने हो गए हैं लेकिन पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई। जबकि ठेकेदार के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह, बहन हेमलता और पत्नी रेखा रानी ने कई बार एसपी अमित कुमार आनंद से भी मिलकर खुलासे की मांग कर चुके है।
पिता अतरपाल सिंह और अन्य परिजनों ने पुलिस को कुछ क्लू दिए थे। दावा किया था कि इन क्लू पर काम करने पर खुलासा हो सकता है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके बताए क्लू पर काम नहीं किया। इस कारण थाना पुलिस दोनों की मौत के रहस्य से पर्दा नहीं उठा पा रही है। परिजनों की नाराजगी के चलते एसपी ने ठेकेदार व उनके चालक की मौत की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम अमरपाल सिंह से ले ली है। अब जांच का जिम्मा थाना प्रभारी मनोज कुमार को सौंपा है। सीओ अंजलि कटारिया ने पुष्टि करते हुए कहा कि परिजन इंस्पेक्टर द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट नहीं थे। इस कारण विवेचना बदल दी गई है।