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Amroha News: सरकारी जमीनों के नियम विरुद्ध पट्टों की जांच तेज, मिल रहीं नियमितताएं

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अमरोहा। हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील में चरागाह, नदी, तालाब, झील, खादर और सैंक्चुरी क्षेत्र की करीब 7780 बीघा सरकारी भूमि पर नियम विरुद्ध किए गए 1300 से अधिक पट्टों के मामले में जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ के निर्देश पर चारों तहसीलों में पट्टों से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। उधर, एडीएम न्यायिक न्यायालय में आदमपुर और रहरा के कुछ मामलों में आज सुनवाई होगी।
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मंगलवार को हसनपुर, मंडी धनौरा, नौगावां सादात और अमरोहा तहसीलों में अधिकारी व कर्मचारी रिकॉर्ड खंगालते रहे। जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि अधिकांश मामलों में सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे आवंटित किए गए। वहीं, जिन पट्टों को पहले ही निरस्त किया जा चुका है, उन जमीनों पर आज भी कब्जे बने हुए हैं।

हसनपुर तहसील के गंगेश्वरी, रहरा, आदमपुर और दढ़ियाल गांवों में करीब 2880 बीघा सरकारी भूमि पर 500 से अधिक पट्टे आवंटित किए गए थे। आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे दिए। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इन चार गांवों की भूमि की कीमत करीब 1.44 अरब रुपये आंकी गई है। चकबंदी के दौरान मामला सामने आने पर एडीएम न्यायिक न्यायालय गंगेश्वरी और दढ़ियाल के 225 पट्टे निरस्त कर चुका है, जबकि आदमपुर और रहरा के मामलों की सुनवाई जारी है।
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इसके अलावा दौरारा, चंदनपुर, बिहारीपुर, सतेड़ा, दियावली, धौरिया, जयतौली और पिपलौती समेत 10 से अधिक गांवों में करीब 2000 बीघा सरकारी भूमि पर किए गए लगभग 400 पट्टों की जांच चल रही है। सहेरिया गांव में 200 बीघा भूमि पर 35 से अधिक, अल्लीपुर खादर में नदी की भूमि पर तथा पाइंदापुर एतमाली में 500 बीघा सरकारी भूमि पर 80 से अधिक पट्टों की भी जांच हो रही है। तिगरिया खादर में श्रेणी-3 के तहत किए गए 100 से अधिक पट्टे निरस्त होने के बावजूद करीब 400 बीघा भूमि पर अब भी कब्जे बने हुए हैं। वहीं पहाड़पुर वक्काल गांव में 500 बीघा झील की भूमि पर किए गए पट्टे वर्ष 2014 में निरस्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हट सका है।
आदमपुर और रहरा के पट्टों से जुड़े कुछ मामलों में बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित कर लिया है। शेष मामलों की सुनवाई बुधवार यानी आज को होगी। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि चारों तहसीलों में पट्टों की जांच जारी है। सभी एसडीएम से 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अमरोहा तहसील में भी झीलों की जमीन तक पर हुए थे पट्टे
सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर पट्टे करने का मामला केवल हसनपुर और मंडी धनौरा तक सीमित नहीं है। अमरोहा तहसील क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में ऐसे पट्टे किए गए थे। डिडौली क्षेत्र की सैकड़ों बीघा झील की भूमि पर भी पट्टे आवंटित किए गए थे। हालांकि बाद में इन्हें निरस्त कर दिया गया, लेकिन आज भी झील की काफी भूमि पर कब्जे बने हुए हैं। नौगावां सादात पहले अमरोहा तहसील का हिस्सा होने के कारण वहां भी बड़ी संख्या में ऐसे पट्टों की जांच की जा रही है।
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