अमरोहा। बिना आवेदन व खाता खोले किसान को कर्जदार बनाने के मामले में डीएम द्वारा गठित कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी में शामिल डिप्टी कलक्टर ने पीड़ित किसान से पूरे मामले की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जोया ब्लॉक के गांव पृथ्वीपुर निवास बुजुर्ग भगवंत सिंह किसान हैं। विगत सप्ताह उन्होंने अपनी फर्द निकलवाई तो उसमें यूनियन बैंक द्वारा पांच लाख रुपये का लोन देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बैंक से लोन के लिए आवेदन नहीं किया था और न ही उस बैंक में उनका खाता है। उनके बेटे योगेंद्र कुमार ने बैंक में बात की और मामले की शिकायत की। योगेंद्र ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक ने लोन कर दिया।
बताया जाता है कि आवेदन में आधार कार्ड किसी और का लगाया है और फर्द उनकी लगाकर लोन दे दिया गया। योगेंद्र की शिकायत पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बैठा दी है। डिप्टी कलक्टर चंद्रकांता और एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट देने को कहा था। डीएम द्वारा बनाई गई कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डिप्टी कलक्टर चंद्रकांता ने शिकायतकर्ता योगेंद्र से बात कर पूरे मामले की जानकारी की। उधर, डीएम ने एलडीएम को अपने कार्यालय पर तलब करते हुए मामले में जांच कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फर्जी दस्तावेज कर दिया लोन
लोन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। आधार अमरोहा क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक का लगाया गया जबकि फर्द बुजुर्ग भगवंत सिंह की लगाई गई। पूरा फर्जीवाड़ा इस तरह से किया गया कि बैंक की पकड़ में भी नही आ सका। हालांकि इसमें बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता से भी इंकार नही किया जा सकता है लेकिन अब जांच के बाद भी पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा।
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