अमरोहा जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगाता इटर्नशिप छात्र। अमर उजाला
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प्रदेश सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दंभ भर रही है, लेकिन तंत्र ही उसके दंभ को बेदम कर रहा है। कुर्सियों से डाक्टर गायब रहते हैं और इंटर्न ओपीडी संभालते हैं।
महिला इंटर्न व एएनएम बैठी हैं, जबकि पुरुष महिला मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली पर अफसर खामोश हैं। कई मेडिकल छात्रों की इंटर्नशिप खत्म हो गई है, लेकिन कमीशन के चक्कर में साल भर से ओपीडी संभाल रहे हैं। मरीजों को बाहर से दवाई लिख रहे हैं। मामला सामने आने के बाद सीएमएस ने सभी को नोटिस जारी करने की बात कही है।
जनपद अस्पताल में मेडिकल कालेजों से छात्र छात्राएं इंटर्नशिप के लिए आते हैं। तीन माह तो कुछ छह माह के लिए आते हैं। चिकित्सक, फार्मासिस्ट व नर्स तथा एएनएम उनको स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देते हैं, लेकिन अस्पताल में कई छात्र ऐसे हैं, जिनकी इंटर्नशिप समाप्त हुए साल भर से ज्यादा समय बीत गया है और वह अस्पताल में बैठकर ओपीडी कर रहे हैं। डाक्टर उनके हवाले ही पूरी ओपीडी छोड़कर गायब हो जाते हैं। यह नजारा सोमवार को अस्पताल में देखने मिला।
कक्ष नंबर सात, नौ व 11 में इंटर्न बैठकर मरीज देख रहे थे। चिकित्सकों का कुछ पता नहीं था। जो मरीज देख रहे थे और दवा लिख रहे थे, उनका प्रशिक्षण का समय साल भर पहले पूरा हो चुका है। बावजूद इसके रिलीव नहीं हुए हैं।
यही चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि पर्चे पर दवा लिखने के बाद मेडिकल स्टोर का पता भी चिकित्सक बता रहे हैं। ये सब केवल कमीशनबाजी के चक्कर में हो रहा है। महिलाओं को महिला इंटर्न या एएनएम नहीं बल्कि पुरुष इंटर्न से इंजेक्शन लगाने का नजारा भी देखने को मिला।