अमरोहा। दिल्ली में चोरी हुई बाइक का बीमा क्लेम पाने के लिए उपभोक्ता आयोग पहुंचे किसान को निराशा हाथ लगी। जरूरी दस्तावेज और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं करने पर आयोग ने परिवाद खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने दस्तावेज नहीं मिलने पर क्लेम निरस्त किया था। दोनों पक्षों को अपना-अपना खर्च स्वयं वहन करने का आदेश दिया।
आदमपुर क्षेत्र के ढबारसी गांव निवासी चमन सिंह ने 21 जुलाई 2022 को गजरौला की एजेंसी से 70,640 रुपये की बाइक खरीदी थी। उन्होंने 24 हजार रुपये डाउन पेमेंट देकर फाइनेंस कराया था। चार फरवरी 2023 को दिल्ली के डीएलएफ फार्म नंबर चार से बाइक चोरी हो गई। उनके भाई सोनू ने उसी दिन दिल्ली क्राइम ब्रांच में प्राथमिकी दर्ज कराई। चमन सिंह का आरोप था कि सूचना और जरूरी दस्तावेज देने के बावजूद बीमा कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं किया। उन्होंने बाइक की कीमत, डाउन पेमेंट, क्षतिपूर्ति और परिवाद खर्च दिलाने की मांग की थी।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमा शंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने सुनवाई की। बीमा कंपनी ने बताया कि जांच एजेंसी ने क्लेम फॉर्म, मूल आरसी, दोनों चाबियां, ऋण खाते का विवरण और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट मांगी थी। पत्र और रिमाइंडर भेजने के बावजूद दस्तावेज नहीं मिले, इसलिए क्लेम निरस्त किया गया। आयोग ने पाया कि चमन सिंह जरूरी दस्तावेज और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार किए जाने संबंधी कागजात पेश नहीं कर सके। इसलिए परिवाद खारिज कर दिया गया।