समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धाश्रम का बुधवार को डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने खराब व्यवस्थाओं पर एनजीओ को फटकार लगाई। साथ ही विभागीय अधिकारी को दूसरे एनजीओ को काम दिए जाने के पत्राचार करने के निर्देश भी दिए।
बुधवार को डीएम निधि गुप्ता वत्स विभागीय अफसरों के साथ समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे वृद्धाश्रम में पहुंचीं। आश्रम को संचालित करने वाली एनजीओ ग्रामोद्योग संस्थान की व्यवस्थाओं से डीएम असंतुष्ट नजर आईं। निरीक्षण में सुरक्षा कर्मी बिना यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के मिले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने बुजुर्ग महिला व पुरुषों से बात की। भोजन, नाश्ता व चिकित्सा के बारे में जानकारी की। डीएम को अपने बीच में पाकर बुजुर्ग भी खासे उत्साहित नजर आए। डीएम ने सभी से खुश रहकर सत्संग करने और प्रभु का स्मरण करने की बात कही।
डीएम ने एनजीओ के पदाधिकारियों की बैठक करते हुए जानकारी भी की। लेकिन एनजीओ के पदाधिकारी डीएम के सवालों का सही जबाव तक नहीं दे सके। आश्रम में होने वाले वित्तीय खर्च, एक व्यक्ति पर माह में होने वाला खर्च, कितने सुरक्षा कर्मी, कितने सफाई कर्मी जैसे मामूली सवालों का भी जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने कहा कि आश्रम के संचालन में लापरवाही की जा रही है। कई बार व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश देने के बाद भी कोई सुधार नहीं दिख रहा है। जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी को मेन्यू के अनुसार भोजन मिले। गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने कैमरों की संख्या बढ़ाने व फायर ऑडिट कराने के निर्देश दिए। एनजीओ की खराब व्यवस्थाओं पर उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन को अपने विभागीय उच्चाधिकारियों से एनजीओ को बदलने के लिए पत्राचार करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सदर सुधीर कुमार, सीओ नौगांवा सादात अवधभान भदौरिया व एनजीओ के अधिकारी शामिल रहे।