हसनपुर। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव-मंगरौला में औद्योगिक गलियारे के लिए तेजी के साथ चिह्नित की गई भूमि का अधिग्रहण तेजी से किया जा रहा है। शनिवार तक करीब पचास प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कराया जा चुका है। जबकि कुल 2200 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण के संबंध में किसानों ने एसडीएम से मिलकर उत्सुकता दिखाई है।
मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक शहर बसाए जाने की शासन की योजना के अनुसार यूपीडा और अमरोहा जनपद के प्रशासनिक अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनाए जाने के लिए मंगरौला, रुस्तमपुर, गांगटकोला व दौलतपुर गांव की करीब 2200 बीघा भूमि को चिह्नित किया गया है। हालांकि इसमें करीब 110 बीघा ग्राम समाज की सरकारी भूमि है। 110 बीघा सरकारी भूमि के अलावा 896 बीघा भूमि को किसानों से अधिग्रहण किया जा चुका है। यह भूमि करीब 186 किसानों से खरीदी गई है। भूमि अधिग्रहण के संबंध में रविवार को कुछ किसान एसडीएम पुष्कर नाथ चौधरी से उनके कार्यालय में मिले। कहा कि चिहिन्त भूमि का शीघ्र बैनामा करा लिया जाए। मुआवजे की धनराशि को दूसरी जगह लगाना है। किसानों ने एसडीएम से बताया कि दूसरे गांवों में भूमि खरीदने के लिए सौदा तय हो चुका है। वहां भुगतान देना है। भुगतान में देरी होने पर परेशानी हो रही है। इसलिए औपचारिकताएं पूरी करके शीघ्र ही चिन्हित भूमि का बैनामा कराया जाए और भुगतान दिलाया जाए। सात फरवरी तक खरीदी गई भूमि का 26 करोड़, 12 लाख 69 हजार 256 रुपये का भुगतान किसानों के खाते में पहले ही भेजा चुका है। इसके अलावा करीब 18 करोड़ का भुगतान सोमवार तक किसानों के खाते में भेजे जाने की तैयारी है।
-औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की गई भूमि का अधिग्रहण कराया जा रहा है। इसके लिए रोजाना किसानों से बैनामा कराए जा रहे हैं। अबतक करीब पचास प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कराया जा चुका है। कुछ किसानों को भ्रम है कि मुआवजा की धनराशि बढ़ाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं है जो सर्किल रेट नोटिफिकेशन जारी पर थे। उन्हीं के आधार पर भुगतान होगा। औद्योगिक गलियारा बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
पुष्कर नाथ चौधरी, एसडीएम हसनपुर