अमरोहा। दिल्ली हाईवे पर बने अवैध कट खतरनाक साबित हो रहे हैं। रफ्तार भरते वाहनों के सामने अवैध कट मुसीबत बनने लगे हैं। यह अवैध कट लोगों की जिंदगियां लील रहे हैं। जिले की सीमा से गुजरने वाले हाईवे पर चौधरपुर सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट तक जगह-जगह अवैध कट हैं।
शार्टकट के चक्कर में यह अवैध कट मौत का शार्टकट बन रहे हैं। आए दिन लोगों के खून से हाईवे लाल हो रहा है। यह स्थिति तब है जब हर बार जिला प्रशासन अवैध कटों को बंद करने का दावा करता है। शुक्रवार की सुबह गजरौला में हुआ हादसा भी जिम्मेदारों की उदासीनता का नतीजा है।
पाकबड़ा से ब्रजघाट तक 62 किलोमीटर लंबे हाईवे की दोनों लेन पर 30 से 35 अवैध कट तो ऐसे है जिन्हें मौत का कट कहना गलत नहीं होगा। इन कट से दोपहिया वाहनों के साथ भारी वाहन भी गुजरते हैं। इस दूरी के बने फ्लाईओवर को छोड़ दें तो डिवाइडर भी खतरे से खाली नहीं हैं। शुक्रवार संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने हाईवे की पड़ताल की तो गजरौला, डिडौली, चौधरपुर ओवरब्रिज और बुढ़नपुर में सबसे अधिक अवैध कट मिले।
अब इसे प्रशासन की उदासीनता कहेंगे या फिर लोगों में जागरूकता का अभाव। दिल्ली हाईवे पर बने अवैध कटों से बेपरवाह होकर लोग सड़क पार करते हैं। डिडौली से लेकर गजरौला तक कई नामचीन रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल हैं। ज्यादातर के सामने अवैध कट बना लिए गए हैं। इनसे होकर जब गाड़ियां मुड़ती हैं तो हादसे की आशंका बनी रहती है। विभागीय अधिकारी रेस्टोरेंट और होटल मालिकों के प्रभाव में कार्रवाई नहीं करते हैं। इन अवैध कटों को बंद करने की बजाय एनएचएआई, पुलिस, परिवहन व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आंख बंदकर बैठे रहते हैं। इन अवैध कटों पर किसी अधिकारी की नजर नहीं पड़ती है। आधे नवंबर के बाद कोहरा पड़ने के आसार हैं। ऐसे में हाईवे के अवैध कट हादसे का बड़ा कारण बन सकते हैं।
स्टेट हाईवे, रिंग रोड की स्थिति भी बेहद खराब
हाईवे पर वाहन लंबी दूरी पर जाने वाले वाहन तेज रफ्तार से जाते हैं। सामने अचानक वाहन आने से हादसे होते रहते हैं। रोज ही कोई न कोई क्षतिग्रस्त वाहन मिल जाता है। इसके अलावा स्टेट हाईवे, रिंग रोड और संपर्क मार्गों पर भी खूब अव्यवस्थाएं हैं। इन पर लाइटों की व्यवस्था नहीं हैं।
लोगों ने अपनी सुविधा के लिए बनाए अवैध कट
हाईवे पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अवैध कट बना लिए हैं। रोजाना एक दो हादसे होते हैं। प्रशासन को इन कट को बंद करने के साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें। इतना ही नहीं सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढे में पत्थर और बजरी डाल दी जाती है। हाईवे पर कई जगह दोनों तरफ गांव की आबादी घनी है। कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं है और न गांव में मोड़ के लिए कोई संकेतक बोर्ड हैं।
हाईवे पर कई जगह बने हैं अवैध कट
गजरौला। दिल्ली लखनऊ हाईवे पर कई अवैध कट बने हैं जिनसे वाहनों को चालक अपने हिसाब और सुविधा से मोड़ देते हैं। इनके कारण ही हादसे होते हैं। शुक्रवार को हुआ हादसा अवैध कट के कारण ही हुआ जिसमें दो युवा व्यापारियों की जान चली गई। हाईवे चौड़ीकरण कंपनी के जीएम ललित मोहन तिवारी का कहना है कि हाईवे पर अवैध कट कहीं नहीं हैं, कुछ लोगों ने ढाल बना लिए हैं।