चिंता, तनाव हो और नींद नहीं आ रही है तो मनोचिकित्सक से मिलें
अमरोहा। मानसिक रोगी के इलाज के लिए जिला सरकारी अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन ओपीडी संचालित होती है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ऐसे रोगी अस्पताल जाकर इलाज कराते हैं। जिन लोगों को अनचाही आवाजें सुनाई देती हों, मानसिक तनाव रहता हो, नींद नहीं आती हो या फिर चिंता या घबराहट के लक्षण दिखाई दे रहे हों, उन लोगों में स्क्रिजोफ्रिनिया के लक्षण हो सकते हैं। जिससे वो व्यक्ति मानसिक रोगी हो सकता है। जिसका दवाइयों के जरिए इलाज संभव है।
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल बंसल ने बताया कि स्क्रिजोफ्रिनिया में व्यक्ति एक दूसरे पर शक करता है। चाहे वह अपने मां-बाप पर करें, बच्चों पर करें, अपनी बीवी पर करें या फिर किसी अन्य पर। इस बीमारी के जरिए वह व्यक्ति मानसिक रोगी होता है। जिला अस्पताल में एक महीने में 400 से 500 मरीज इस बीमारी से पीड़ित आते हैं। ज्यादातर मरीजों को दवाइयों के जरिए ठीक किया जाता है। हालांकि इस बीमारी का इलाज लंबे समय तक चलता है। परिवार के सदस्यों की भी काउंसलिंग करनी पड़ती है। उससे पता चलता है कि व्यक्ति में कितना सुधार आ गया है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को 40 से 45 मानसिक रोगी जिला अस्पताल पहुंचते हैं। प्रत्येक माह में 500 से 550 तक मरीज ओपीडी में आ जाते हैं। जिला अस्पताल में कमरा नंबर 4 व 5 में इन मरीजों की भीड़ देखी जा सकती है। जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मानसिक रोगियों को देखा जाता है। मानसिक रोग में होने वाली इन सभी चीजों को रोका जा सकता है। मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति का आसानी से इलाज संभव है।
मानसिक रोग के लक्षण
नींद न आना या देर से नींद आना।
उदास या मायूस रहना।
चिंता,घबराहट उलझन रहना।
किसी काम में मन न लगना
वास्तविकता से दूर होना, शक करना
आत्महत्या की भावना, याद दाश्त में कमी आना मानसिक रोग के कारण
अकेलापन,दबाव आत्मसम्मान में कमी
एल्कोहल या ड्रग्स जैसे मादक पदार्थो का सेवन
बात बात पर गुस्सा अधिक आना।