61 गोवंश की मौत के मामले में आरोपी ग्राम प्रधान रामौतार को नोटिस
डीएम की तरफ से जेल में भेजा गया नोटिस
अमरोहा। सांथलपुर की गोशाला मे 61गोवंश की मौत के मामले में आरोपी ग्राम प्रधान रामौतार को डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस जेल में भेजा गया है। पंद्रह दिन के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
हसनपुर तहसील क्षेत्र की सांथलपुर गोशाला में चार अगस्त को हरा चारा खाने के बाद 61 गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई थी। प्रकरण की गूंज शासन स्तर तक पहुंची थी। मामले में डीएम बीके त्रिपाठी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद अनस को निलंबित किया था। गंगेश्वरी बीडीओ रेनू कुमारी ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से गोवंशीय पशुओं को मारने के आरोप में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बताया गया कि ताहिर अपने साथियों के साथ गायों के लिए चारा लेकर आया था। जहरीला चारा खाने के बाद ही गोवंशीय पशुओं की हालत बिगड़ी और 61 गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा पशु बीमार भी हुए। उधर, पुलिस जांच में ग्राम प्रधान रामौतार की भूमिका भी मामले में संदिग्ध मिली। जिसके बाद पुलिस ने ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने ग्राम प्रधान रामौतार और हरा चारा सप्लाई करने वाले ताहिर के खिलाफ पुलिस ने रासुका की कार्रवाई की है। फिलहाल ग्राम प्रधान जेल में बंद है। डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि गोशाला का संचालन ग्राम पंचायत स्तर से ही किया जा रहा था। जिसमें ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव का संयुक्त खाता है। गोशाला में गायों की मृत्यु से जनमानस की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह आपराधिक कृत्य इस प्रकृति का है, जिसमें नैतिक पतन अंतर्ग्रस्त है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान को 15 दिन के भीतर साक्ष्य सहित जवाब देना होगा।
ये बने थे आरोपी
गोशाला में 61 गोवंश की मौत के मामले में वीडीओ मोहम्मद अनस, चारा सप्लाई करने वाला ताहिर, महेश, ओम प्रकाश, शीशपाल, नो सिंह, अमरजीत, कमल सिंह, इमरान, सहदेव, नेमपाल और ग्राम प्रधान रामौतार को आरोप बनाया गया था। जबकि इसमें वीडीओ मोहम्मद अनस समेत दस आरोपियों की जमानत हो चुकी है। जबकि ग्राम प्रधान रामौतार और ताहिर को जमानत नहीं मिल सकी थी।