रजबपुर। मध्य गंगा नहर की खोदाई की आशंका को लेकर कूबी आंदोलन अब तेजी पकड़ने लगा है। 218 दिन बीतने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई सुध नहीं ली गई। इसके विरोध में शनिवार को धरना स्थल पर चार गांव के ग्रामीणों ने भविष्य के लिए आंदोलन की रणनीति बनाई। किसानों ने बिना मर्जी नहर की खुदाई करने पर आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी। किसानों ने कहा कि सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर नहर की खुदाई नहीं होने दी जाएगी।
मध्य गंगा नहर के पास रामपुर, मोहनपुर व कूबी के किसान जमीन का चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर 218 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इस दौरान किसानों ने साफ कहा कि अब आरपार की लड़ाई होकर रहेगी। बिना मुआवजा लिए मध्य गंगा नहर निर्माण का कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई साल पहले जब जमीन का अधिग्रहण कर लिया था तो उस समय प्रशासन ने उनको मुआवजा की रकम क्यों नहीं दी थी। अब पूर्व के सर्किल रेट पर अपनी जमीन क्यों दें। चार गुना मुआवजा मिलना ही चाहिए। बगैर मांग पूरी हुए बिना मध्य गंगा नहर का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। जबकि, प्रशासन चुपचाप ढंग से नहर की खुदाई कराने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीण इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। अब आंदोलन को विस्तृत रूप दिया जाएगा। ताकि, शासन तक इसकी गूंज पहुंचे।
पंचायत में भाकियू टिकैत गुट के जोया ब्लाक अध्यक्ष मुकेश कुमार, मायाराम सिंह, सूरज सिंह, जयवीर सिंह, आशीष चौधरी, राहुल, अमर सिंह, सुखबीर सिंह, राजवीर सिंह, महिपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, बबलू सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।