मैं लखनऊ सचिवालय से बोल रहा हूं... आपके आवास की किस्त डलने वाली है... इसके लिए आपको एक फार्म और कुछ फीस देनी है...। इन अल्फाजों से युवती को झांसे में लेकर ठगों ने ग्यारह हजार रुपये ठग लिए। पीड़िता ने मामले की शिकायत एसपी से की। उनके निर्देश पर नौगांवा पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
ये मामला नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के खंडसाल कलां गांव का है। यहां पर किसान रोहताश सिंह का परिवार रहता है। उनकी बेटी निशा का आरोप है कि नौ जुलाई को एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बताया कि वह लखनऊ सचिवालय से बोल रहा है और आपके आवास की किस्त डलने वाली है। इसके लिए आपको एक फार्म और कुछ फीस देनी है। जिसके बाद हम आपके अकाउंट में आवास की किस्त डाल देंगे। क्योंकि पीड़िता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। इसलिए वह फोन करने वाले व्यक्ति के झांसे में आ गए।
पीड़िता ने जन सेवा केंद्र के माध्यम से 2580 गूगल पे कर दिए। जिसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने और फीस जमा करने का झांसा दिया। पीड़िता शातिरों के मंश का भांप नहीं सकी। लिहाजा उसने एक बार में 6200 रुपये दूसरी बार में 2600 रुपये गूगल पे कर दिए। इसके बाद भी पीड़िता के खाते में पीएम आवास की किस्त नहीं आई।
पीड़िता ने आरोपी के नंबर पर फोन किया था तो उधर से आठ हजार रुपये की और डिमांड की गई। जिसके बाद रेखा को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। आरोप है कि अब आरोपी बार-बार वीडियो कॉल करके रुपयों की मांग कर रहा है। पुलिस ने मामले की शिकायत एसपी आदित्य लांग्हे से की। इंस्पेक्टर संत कुमार ने बताया कि मामले में नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। जल्द ही आरोपी को पता लगाकर उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।