अमरोहा की ढोलक देश दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां की ढोलक की थाप दुनिया भर में सुनाई पड़ रही है। अमरोहा के साज बिना म्यूजिक अधूरा रहता है। नवरात्र में भी अमरोहा की ढोलक की खूब डिमांड रही। यही वजह है कि नवरात्र के नौ दिन में ढोलक का कारोबार सात करोड़ से पार पहुंच गया। कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। व्यापारियों का कहना है कि ढोलक के साथ तैयार होने वाले अन्य म्यूजिक सिस्टम की डिमांड लगातार जारी है। इस साल अच्छा कारोबार होने का अनुमान है।
अमरोहा पूरे विश्व में एक अलग पहचान रखता है, जिसकी वजह है यहां बनने वाली ढोलक। यहां होने वाले इस वाद्य यंत्र के निर्माण से यूपी का ये जिला प्रसिद्ध है। यहां के हुनरमंद कारीगरों की वजह से अमरोहा मुख्य रूप से ढोलक और तबला निर्माण के लिए मशहूर है। अमरोहा की ढोलक की मांग दूर-दूर तक है। कोरोना काल में बंद पड़ा ढोलक का बाजार एक बार फिर से गति पकड़ रहा है। नवरात्र के नौ दिन में करीब सात करोड़ से अधिक कारोबार हुआ है। कारोबारियों की माने तो जिले से हर साल करीब 4 करोड़ रुपये की ढोलक का निर्यात होता है। यहां की ढोलक की मांग कई देशों में है। यहां बनने वाले ढोलक और तबले सऊदी अरब, कनाडा, यूएसए, इंग्लैंड, ईरान सहित कई देशों में भेजे जा रहे हैं। ढोलक बनाने की छोटे-बड़े करीब 300 से अधिक कारखाने है। कारोबारियों ने बताया कि ढोलक की लगातार डिमांड बढ़ रही है।
पिछले सालों के मुकाबले इस साल ढोलक के कारोबार में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस बार दशहरा, दीपावली व मेले आदि के शुरू होने पर ढोलक की डिमांड बढ़ी है। आज के समय में विदेशों में भी यहां बनने वाली ढोलकों की डिमाड बढ़ रही है। उम्मीद है कि आगे भी ढोलकों की ओर डिमांड आएगी। आज से 25 साल पहले ढोलक भारत में निर्यात की जाती थी, लेकिन आज ढोलक का यहां से निर्यात किया जा रहा है। पहले के मुकाबले अब व्यापार करने में भी अब काफी सुगमता हुई है।- शक्ति कुमार अग्रवाल, हेमलता हैंडी क्राफ्ट
धीरे-धीरे ढोलक की डिमांड बढ़ रही है। इस साल ढोलक का व्यापार में तेजी से इजाफा हुआ है। इस वर्ष 10 से 12 लाख करोड़ का व्यापार रहा है। यहां पर ढोलक, तबला, पखावज, नाल, डमरू, चमेली ढोलक बनाई जाती है। इस कारोबार से करीब 8 से 10 हजार लोगों को कारोबार मिलता है। छोटे बडे़ करीब 300 कारखाने है। आज ढोलक 60 फीसदी रॉ मैटेरियल यहीं पर बनता है। जिससे ढोलक के व्यापार में काफी सुधार हुआ है। यदि सरकार अमरोहा में इंडस्ट्रियल एरिया बना देती है तो करीब 5 से 10 फीसदी व्यापार में बढ़ोतरी हो जाएगी।- राजीव कुमार प्रजापति, राम म्यूजिकल हैंडी क्राफ्ट
इस बार ढोलक का व्यापार ने काफी तेजी पकड़ी है। नवरात्र में करीब सात करोड का कारोबार हुआ है। पिछले सालों के मुकाबले इस बार व्यापार में करीब 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि अब मेले, मंदिर और तीर्थस्थल खुल गए हैं। जिसके चलते आगे मार्केट अच्छी रहने की उम्मीद है।- बनवारी लाल, गणपति ट्रेडर्स एवं मैन्युफैक्चरर
हमारे यहां पर ढोलक बनाने के साथ साथ ढोलक में लगने वाले रॉ मैटेरियल भी तैयार किया जाता है। यहां ढोलक में लगने वाले बोल्ट बनाए जाते हैं। जो उच्च क्वालिटी के होते हैं। यहां रॉ मैटेरियल मिलने से ढोलक की लागत में काफी कमी आई है। जिसके चलते डिमांड में वृद्धि हुई है।-जहीन अहमद, जैडए ढोलक मर्चेंट