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Amroha News: योग काे अपनाया और बदल गया जीवन

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अमरोहा। 21 जून यानी वह दिवस जिस दिन संपूर्ण विश्वभर में योग एक क्रांति के रूप में उभर कर आया। संपूर्ण विश्व में योग की पताका लहर गई और भारत की इस लहर ने योग को विश्व योग दिवस का दर्जा दिला दिया। यही वजह है कि आज योग गांव हो या शहर अपना असर दिखा रहा है। विदेशों में भी योग की अलख है। गांव से लेकर शहरों तक योगाचार्य एवं योग शिक्षक जहां स्वस्थ शरीर के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, वहीं योग की अलख जगा रहे हैं। जबकि, कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने योग का सहारा लेकर बीमारी पर भी विजय पा ली।
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शिक्षक दंपती ने उठाया बीड़ा
अमरोहा। कहते हैं न कि करो योग रहो निरोग। नगर के फ्रेंडस कॉलोनी निवासी शिक्षक दंपती ने इसी राह पर चल रहे हैं। महेश कुमार व उनकी पत्नी डॉ. रेनू प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। दोनों ने 2015 योग शिविर में जाने की शुरुआत की। 2018 उसके बाद एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ) की ओर से होने वाले कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके बाद जगह-जगह स्कूली बच्चों को योग सिखाया। दंपती अब सुबह शाम कॉलोनी में निशुल्क लोगों को योग क्रियाएं कराते हुए स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखा रहे हैं। वहीं, बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। संवाद

राष्ट्रीय स्तर तक नितीश ने बनाई पहचान
अमरोहा। गांव जलालपुर घना निवासी नितीश भारद्वाज ने मात्र 35 वर्ष की उम्र में योग में खासी उपलब्धि हासिल की। मात्र 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने योग क्रियाओं पर अपनी पकड़ बना ली। उसके बाद उसके बाद धीरे-धीरे विभिन्न शिविरों में शामिल होकर अपनी प्रतिभा दिखाई और लाेगों को योग का महत्व बताया। 2015 में स्टेट स्तर पर योग प्रतियोगिता में स्थान बनाया। उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर योग में विजयी हासिल की। अब योगाचार्य बनकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहला कर्तव्य है स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य कि रक्षा करना। आज कल की भागदौड़ में योग के आसन और प्राणायाम अति आवश्यक हैं। संवाद
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10 साल पुरानी बीमारी योग से हुई दूर
हसनपुर। योग निरोगी काया को बनाने का उत्तम साधन है। योग को जीवन में अपनाकर एक ऐसी ही बीमारी को दूर भगाया गौरव नागर ने। जिन्होंने अपने दैनिक जीवन में योग अपनाया और दस साल पुरानी गैस की बीमारी को भगा दिया। नगर के मोहल्ला गुर्जर कालोनी निवासी तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महीपाल सिंह गुर्जर के बेटे गौरव नागर प्राथमिक शिक्षक संघ गंगेश्वरी में ब्लॉक उपाध्यक्ष हैं। 36 वर्षीय गौरव नागर को दस साल से गैस की समस्या थी। उन्होंने जीवन में योग को अपनाया और अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। जो दूसरों को योग करने के बारे में जागरूक करते रहते हैं। संवाद
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75 साल की उम्र में योग शिक्षा दे रही हैं सुशीला गुप्ता
मंडी धनौरा। नगर के मोहल्ला गढ़ी निवासी सुशील गुप्ता महिलाओं के लिए एक आदर्श बनी हुई हैं। 75 साल की उम्र में वह गृहणियों को रोजाना योग अभ्यास करा कर उनकी सेहत दुरुस्त करने के नेक काम में जुटी हुई हैं। शीला गुप्ता स्पोर्ट्स टीचर थीं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने घर बैठने के बजाय स्वयं योग सीखा। आज करीब 50 महिलाओं को रोजाना योगाभ्यास करा कर उनको फिट रखने में अहम रोल अदा कर रही हैं। सुशीला गुप्ता का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आधा घंटे भी नियमित रूप से योग करेगा तो वह पूर्ण रूप से स्वस्थ रहेगा।
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बुजुर्गों ने योग के माध्यम से बदल दी काया
गजरौला। जो युवा सुबह को जल्द उठने से कतराते हैं, उनके लिए 80 वर्षीय सेवानिवृत्त दरोगा हरि सिंह प्रेरणा के स्रोत हैं। चौहानपुरी मोहल्ला निवासी हरि सिंह 2004 में पुलिस विभाग में दरोगा पद से रिटायर हुए। जिसके बाद से उन्होंने यह नियम बना लिया कि वह याेग करना नहीं छोड़ेंगे। सुबह को प्रतिदिन अवंतिका पार्क में दो घंटे योग करते हैं। उनका कहना है कि योग करने के कारण वह पूर्ण स्वस्थ हैं। उधर, मोहल्ला अवंतिका नगर में रहने वाले 72 वर्षीय रामानंद सिंघल योग के बल पर ही बीमारियों को मात दे रहे हैं। उनका कहना है कि 50 साल की आयु में उनका वजन बढ़ने लगा था। चिकित्सकों ने उनको प्रतिदिन कसरत करने की सलाह दी। कसरत तो उन्होंने थोड़ी बहुत की, लेकिन योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया। सुबह उठकर रोजाना दो घंटे कठिन योग करते हैं। वह अब पूर्णतया स्वस्थ है। वह 22 साल से लगातार योग कर रहे हैं। संवाद
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