नौगांवा सादात। तेंदुए के बच्चे समझ कर लोगों ने कब्र बिज्जू के दो बच्चों को पकड़ लिया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों बच्चों को उसी स्थान पर छुड़वा दिया, जहां से पकड़ा गया था। वन अधिकारियों के मुताबिक कब्र बिज्जू के दोनों बच्चों की उम्र करीब बीस दिन की है।
नौगांवा सादात कस्बे के मोहल्ला फकरपूरा में रहने वाले इब्ने अली बृहस्पतिवार की सुबह मोहसिन जुगनू बीड़ी वालों के आम के बाग के पास से गुजर रहे थे। तभी इब्ने अली ने जंगली जानवर के दो बच्चों को ट्यूबवेल के गड्ढे में उछल-कूद करते देखा। दोनों बच्चे देखने में तेंदुए के जैसे लग रहे थे। लिहाजा, इब्ने अली ने मामले की जानकारी लोगों को दी।
तेंदुआ के बच्चे मिलने की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वन दरोगा केपी सिंह टीम के साथ पहुंच गए। जिसके बाद उन्होंने बताया कि बच्चे तेंदुए के नहीं कब्र बिज्जू के हैं। वन विभाग की टीम ने दोनों बच्चों को वहीं छुड़वा दिया। वन दरोगा केपी सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों की उम्र 20 दिन की है और करीब दो महीने में यह बच्चे अपने पैरों पर चलना सीख लेते हैं।