फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्बला के मैदान में हुसैन कत्ल होकर भी जीत गए : बाकरी

विज्ञापन
विज्ञापन
सैदनगली। कस्बे में अट्ठारह बनी हाशिम का जुलूस बरामद हुआ। इसमें हाशमी खानदान के 18 शहीदों के शबीहे ताबूत शामिल थे। सर्वप्रथम इमामबारगाह पीर जी मुस्तकीम अली में मजलिस हुई। मर्सियाख्वानी नसीमुल हसन बाकरी और हमनवा ने की।
विज्ञापन

मजलिस को उझारी से तशरीफ लाए मौलाना आसिफ रजा बाकरी ने खिताब करते हुए कहा कि कर्बला के मैदान में कुल 72 शहीद हुए थे। इसमें 18 शहीद हाशमी खानदान के थे। कर्बला में हक और बातिल की जंग हुई थी। इसमें नबी के नवासे मौला अली के बेटे हजरत इमाम हुसैन हक की तरफ थे और माविया का बेटा यजीद बातिल की तरफ था। जीत हक सच्चाई की हुई। पूरी दुनिया में सबकी जबान पर हुसैन का नाम है, लेकिन यजीद का नाम लेने वाला कही नहीं मिलता। मौला हुसैन कत्ल होकर भी जीत गए। कर्बला का दर्दनाक वाक्या कयामत तक भुलाया नहीं जा सकता।
मजलिस के बाद इमामबारगाह दादे हिमायत अली से अठारह बनी हाशिम का जुलूस बरामद हुआ। जो पीरजी इमामबारगाह जाकर खत्म हुआ। जुलूस के दौरान तकरीर डॉ. अहमद मुर्तजा ने की और नौहे मुहम्मद हैदर, अयान अब्बास, मिसाल अब्बास ने पढ़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें