मुरादाबाद। मझोला में प्रेम विवाह करने वाली महिला की हत्या में पति को दोषी करार देते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सबूतों को अभाव में सास और देवर को बरी कर दिया गया है, जबकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान ससुर की मृत्यु हो चुकी है।
मझोला थाना क्षेत्र के पुतली घर रोड निवासी संदीप शर्मा ने 8 अक्तूबर 2018 को मझोला थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि उसकी बहन गीता ने प्रकाश नगर आंबेडकर छात्रावास के पास रहने वाले प्रवीण पुत्र रतन लाल सैनी के साथ 2003 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही पति, सास ससुर और देवर उसकी बहन से दहेज में दो लाख रुपये और एक कार की मांग करते थे। आये दिन गीता के साथ मारपीट की जाती थी। इस बात की शिकायत गीता ने कई बार की थी। तब उसके सुसराल वालों को समझा दिया जाता था। 8 अक्तूबर की सुबह जब संदीप अपने भाई वीरेंद्र कौशिक के साथ जा रहा था, तब गीता के घर के सामने से निकले तो वहां से चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी। घर जा कर देखा तो गीता को पति प्रवीण, सास कमला, ससुर रतन लाल और देवर सुशील उर्फ सुनील मिलकर पीट रहे थे, तब मैं बीचबचाव करा कर अपने काम पर चला गया। शाम को करीब छह बजे काम से लौटते समय गीता का हालचाल देखने उसके घर गया तो देखा कि गीता की लाश बरामदे में पड़ी थी। उसके गले और शरीर पर चोटों के निशान थे।
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल कुमार गुप्ता ने बताया कि मुकदमे के आरोपी रतन लाल की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई है। मुख्य आरोपी पति प्रवीण के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर महिला की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बेटे ने पति, दादी दादा और चाचा के बचाव में दिए थे बयान
मृतका गीता के बेटे रोहन सैनी ने अपने पिता, दादा दादी चाचा के बचाव में कोर्ट में बयान दिए थे। जिसमें कहा था कि उसकी मां की हत्या नहीं हुई थी। उन्होंने आत्महत्या की थी लेकिन गीता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ था कि रस्सी से उसका गला घोटा गया था। इसके अलावा उसके शरीर पर भी चोटों के कई निशान मिले थे। अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य गवाहों की गवाही के आधार पर पति प्रवीण को हत्या का दोषी ठहराया।