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सीएमओ के निरीक्षण में भारी मात्रा में एक्सपायर दवाए मिली

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मंडी धनौरा। मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश चंद शर्मा ने शनिवार की पूर्वाह्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के पुराने भवन में भारी मात्रा में सरकारी दवाएं समय अवधि समाप्त हुई मिली। यही नहीं निरीक्षण के दौरान पौधरोपण के लिए पौधे भी नष्ट हालत में मिले। सीएमओ ने इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराने की बात कही है। निरीक्षण के दौरान चिकित्साधीक्षक मौके पर नहीं मिले। उन्होंने समय अवधि समाप्त दवाओं की कीमत की रिकवरी कराने की बात भी कही है।
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सीएमओ ने शनिवार की पूर्वाह्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने अस्पताल में प्रसव कक्ष देखा। वहां पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को फटकार लगाई। अस्पताल में मात्र एक चिकित्सक ही अपनी ड्यूटी पर था। उसके बाद सीएमओ अस्पताल के पुराने भवन की ओर गए। वहां तीन कमरों में सरकारी दवाएं भरी पड़ी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं देखकर वह भौचक्के रह गए। उन्होंने दवाओं को देखा तो सभी दवाएं एक्सपायर हो चुकी थी। उन्होंने फार्मेसिस्ट आदि को हड़काया। बताया जाता है कि एक्सपायर दवाओं की कीमत लाखों रुपयों में हैं। उन्होंने एक्सपायर दवाओं से भरे कमरों को सील करने के निर्देश दिए। एक कमरे में पौधरोपण के लिए आए पौधे बुरी तरह से पड़े हुए थे। बताया जाता है कि अस्पताल के लिए आए पौधों का रोपण ही नहीं किया गया। अस्पताल में साफ सफाई की हालत भी नाजुक थी।
एक्सपायरी से तीन माह पहले वापस करनी होती हैं दवाएं
मंडी धनौरा। सरकारी मशीनरी की लापरवाही से लाखों रुपये की सरकारी दवाएं एक्सपायर हो गईं। एक ओर तो रोगियों को सरकारी अस्पतालों में दवाएं मयस्सर नहीं हो रही है तो दूसरी ओर धनौरा में लाखों रुपये की दवाएं लापरवाही की वजह से एक्सपायर हो गईं। सीएमओ का कहना था कि यदि किसी भी सरकारी अस्पताल में दवाएं काम में नहीं आ रही हैं तो उनको एक्सपायर होने से तीन माह पहले वापस करना होता है। वे दवाएं अन्य सरकारी अस्पतालों में भेज दी जाती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस संबंध में चिकित्साधीक्षक और फार्मेसिस्ट की जिम्मेदारी होती है। सीएमओ का कहना था कि वह इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखेेंगे। उनका कहना था कि एक्सपायर दवाओं का मूल्यांकन कराया जा रहा है। मूल्यांकन के बाद उतनी धनराशि की रिकवरी अधीक्षक और फार्मेसिस्ट के वेतन से की जाएगी। रिकवरी नहीं होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सीएमओ ने चिकित्साधीक्षक के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई करने में स्वयं को असमर्थ बताया।
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विभागीय कर्मचारी रच रहे साजिश
मंडी धनौरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. रामअवतार गौतम सीएमओ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के पीछे एक विभागीय कर्मचारी की साजिश बताते हैं। फोन पर चिकित्साधीक्षक ने कहा कि पूर्व में धनौरा अस्पताल में तैनात एक विभागीय कर्मचारी जिसको शिकायत के चलते जिला मुख्यालय पर अटैच कर दिया गया था, उनके खिलाफ साजिश रचता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एक्सपायर दवाओं की व्यवस्था उसी विभागीय कर्मचारी द्वारा की गई है। उनका कहना है कि वह कीमोथैरेपी करा रहे हैं।
दवाओं के नदी में फेंकने पर हंगामा, सीज
मंडी धनौरा। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश चंद शर्मा द्वारा पकड़ी गईं सरकारी दवाओं को अस्पताल कर्मचारी शेरपुर के बाहरी नदी में बहाने के लिए ले गए थे। वहां पर ग्रामीणों द्वारा देखने जाने पर हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने सरकारी एंबुलेंस में लदीं दवाओं को नदी में फेंकने से रोक दिया और पुलिस को सूचना कर दी। इस संबंध में सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश चंद शर्मा ने तत्काल जिलाधिकारी को भी अवगत कराया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर पहुंची शेरपुर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाहियों ने एंबुलेंस में भरीं दवाओं को अपने कब्जे में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि दवाओं का डिस्पोजल कराया जा रहा है दूसरी ओर डीएम के निर्देश पर एसडीएम धनौरा मांगेराम चौहान सरकारी अस्पताल पहुंच गए और अपनी मौजूदगी में दवाओं से भरे कमरे को सील करा दिया।
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