नगर के अतरपुरा-चौपला फ्लाईओवरब्रिज के पास से जा रही हाईटेंशन लाइन का तार सोमवार शाम सवा पांच बजे टूट कर गिर गया। इसकी चपेट में आकर झुग्गियों में रह रहे दो मासूमों समेत आठ लोग झुलस गए, कई बाल-बाल बचे।
बुरी तरह से झुलसे दो मासूमों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, यहां से चिकित्साधिकारी ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मची रही।
अतरपुरा-चौपला फ्लाईओवर के पास 132 केवी बिजली घर है। बिजली घर से फ्लाईओवर किनारे से होती हुई 11000 केवी की लाइन रहमापुर फीडर के लिए जा रही है। बिजली लाइन के नीचे झुग्गियों में तमाम परिवार गुजर बसर कर रहे हैं। सोमवार शाम करीब सवा सात बजे अचानक हाईटेंशन लाइन में फाल्ट हुआ और धमाके के बाद बिजली लाइन टूट कर नीचे आ गिरी।
करेंट की चपेट में आकर झुग्गी के बाहर खेल रही पांच वर्षीय मोनी पुत्री राजू व दो वर्षीय ईशान पुत्र कय्यूम बुरी तरह झुलस गए, जबकि मासूम अयान पुत्र कय्यूम समेत चमन पुत्र मलखान, शंकर और उसकी पत्नी पार्वती, रहीश और उसका आठ वर्षीय बेटा शहजाद करेंट के झटके से दूर जा गिरे और मामूली रुप से झुलस गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
किसी ने विभाग को सूचना देकर लाइन बंद करा दी। आनन-फानन में परिजन मासूम ईशान और मोनी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
हाईटेंशन लाइन के नीचे नहीं थी गार्डिंग
132 केवी विद्युत सबस्टेशन से रहमापुर फीडर के लिए जा रही 11000 केवी की लाइन के नीचे गार्डिंग नहीं है। यदि गार्डिंग होती तो हादसा नहीं होता। गनीमत रही हादसे में किसी की जान नहीं गई। लोगों का कहना है कि तार जर्जर हालत में हैं। तार तेज हवा का झोंका भी नहीं बर्दाश्त कर पाते। कई बार विभाग से तार बदलने के लिए कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।