गजरौला(अमरोहा)। निजी मलिक अस्पताल में उपचार करा रहे ट्रांसपोर्टकर्मी की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप है कि तोड़फोड़ की कोशिश की। इससे घबराकर स्टाफ वहां से भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस आ पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में फिर से हंगामा हुआ। परिजनों ने चिकित्सक और स्टाफ को खरीखोटी सुनाई। रात आठ बजे स्वास्थ्य महकमे के जांच अधिकारी/ नोडल अधिकारी एवं इंस्पेक्टर भी आ पहुंचे। देर रात जांच अधिकारी ने अस्पताल को सील कर दिया है।
बुधवार की शाम लगभग साढ़े पांच बजे नगर थाना क्षेत्र के गांव अहरौला तेजवन निवासी ट्रांसपोर्टकर्मी चरन सिंह चौहान (40) पुत्र जबर सिंह की हसनपुर रोड पर स्थित मलिक अस्पताल में मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मृतक की पत्नी शशि और पुत्र भूपेंद्र ने अस्पताल संचालक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। गुस्साए परिजनों ने वहां तोड़फोड़ की कोशिश भी की। इस पर घबराया स्टाफ वहां से भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस भी आई। चौकी इंचार्ज अरुण कुमार ने डा. मलिक और स्टाफ नर्स को बुलाकर उनसे जानकारी की। डा. मलिक ने बताया कि चरन सिंह को दोपहर साढ़े 12 बजे उनके यहां लाया गया था। वह यहां भर्ती नहीं थे। हां, यहां उपचार अवश्य चल रहा था। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती देख उन्होंने उसे यहां से मुरादाबाद रेफर कर दिया था लेकिन परिजन यहीं उपचार कराने की जिद पर अड़े रहे।
वहीं मृतक की पत्नी का कहना था कि वह तीन दिन से यहीं भर्ती थे। पुलिस ने अस्पताल का रिकार्ड चेक किया लेकिन नहीं मिला। इसे लेकर फिर से हंगामा शुरू हो गया। परिजनों का कहना था कि चरन सिंह का ऑक्सीजन लेबल तेजी से घट रहा था लेकिन उसे ऑक्सीजन नहीं दी गई। शाम लगभग पौने आठ बजे अमरोहा से जांच अधिकारी डा. शरद कुमार और आठ बजे इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह भी आ पहुंचे। रात साढ़े नौ बजे इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, डा. एपी मलिक ने लापरवाही के आरोपों को गलत बताया।
सीएचसी की टीम ने किया एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर भेजा
गजरौला। अमरोहा से आए जांच अधिकारी डा.शरद कुमार के निर्देश पर देर रात गजरौला सीएचसी से आई टीम ने मृतक का एंटीजन टेस्ट लिया। बताते हैं कि इसमें जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। वहीं आरटीपीसीआर लेकर जांच को भेजा गया है। डा. शरद कुमार ने बताया कि मृतक के फेफड़ों में दिक्कत हो सकती है। हालांकि उसका एक्सरे कराने की बात कही गई लेकिन एक्सरे उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया।
गजरौला में हसनपुर रोड स्थित मलिक अस्पताल में रोगी की मौत के बाद अस्पताल को सील कर जांच शुरू कर दी गई है।
डा.शरद कुमार जांच अधिकारी
(फोटो 09 जीजेएलपी 07, 10 एवं 11- सर जी नाम अवश्य लगा लीजिए हास्पिटल का।)