सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि लोगों से अपील की है कि अगर किसी बच्चे को जुकाम, खांसी, बुखार हो तो उसे बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेलने न दें। इससे संक्रमण फैल सकता है। यह भी अन्य संक्रमण की तरह है जो इलाज और एहतियात से ठीक हो जाता है। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस को लेकर अभी शासन से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। गाइडलाइन आते ही निर्देशों का पालन किया जाएगा। वैसे जिला अस्पतालों व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आप भी ये सावधानी बरतें
- हाथ धोए बिना मुंह और नाक को छूने से बचें।
- संक्रमण में आए लोगों से दो गज की दूरी बनाकर रखें।
- सार्वजनिक स्थानों पर जाते वक्त मास्क लगाकर निकलें।
- इस वायरस से बचने के लिए समय-समय पर हाथ धोएं।
- अगर आपके पास कोई छींक रहा है तो अपना मुंह ढककर रखें।
बचाव के लिए क्या करें
बच्चों व बुजुर्गों के साथ अन्य किसी अन्य गंभीर रोग से ग्रसित मरीज विशेष सावधानी बरतें, छींकते व खांसते समय नाक व मुंह को ढकने के लिए रुमाल और टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, साबुन से हाथों को धोएं, सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण होने पर डॉक्टरों से परामर्श लें, वायरस के लक्षण पाए जाने पर दूसरे लोगों से दूरी बनाएं।
यह हैं लक्षण
सीएमओ ने बताया कि एचएमपीवी वायरस में लगातार खांसी, जुकाम, गले में खराश, आवाज बैठना, बुखार और सिरदर्द, थकान, सांस लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतें मरीज को होती हैं। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने या उनके संपर्क में आने से फैलता है। दूषित सतहों को छूने के बाद चेहरे, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण फैल सकता है।
लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं
सीएमओ ने बताया कि ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस 2005 के बाद से इस वायरस से संबंधित देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसके अलावा विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधी क्षमता रखने वाले लोगों को सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश
सीएमओ ने जिला अस्पताल और सीएचसी प्रभारियों को स्थानीय स्तर से विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा है। अस्पतालों में मास्क, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए हैं।