गैंगस्टर एक्ट के दोषी हिस्ट्रीशीटर को कोर्ट ने दो साल तीन महीने पांच दिन की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी गैंगस्टर जमानत पर जेल से बाहर है।
यह मामला अमरोहा देहात थाने से जुड़ा है। 2021 में संजीव कुमार त्यागी तत्कालीन थानाध्यक्ष थे। तीन अप्रैल 2021 को उन्होंने हिस्ट्रीशीटर शबाबुल, उसके बेटे मोहम्मद रफी व छोटू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। मोहम्मद रफी भी हिस्ट्रीशीटर है। शबाबुल गैंग का लीडर था, जबकि मोहम्मद रफी और छोटू सक्रिय सदस्य थे। 19 मार्च 2021 को सभी ने मिलकर कांकर सराय के जंगल में गोवंशीय पशुओं की हत्या की थी। पुलिस ने 50 किलो गोवंशीय मांस व एक जिंदा पशु बरामद किया था। यह लोग गैंग बनाकर गोवंशीय पशु की हत्या जैसे अपराध करते थे।
पुलिस ने मामले में सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राम ध्यान राम पैरवी कर रहे थे। बुधवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद रफी को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में दोषी पाया। उसे दो साल तीन महीने पांच दिन की सजा सुनाई है।