मंडी धनौरा। बंपर पैदावार व मांग में भारी कमी की वजह से आलू उत्पादक बेहद परेशान हैं। किसानों को उनकी लागत के बराबर भी आलू के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों काे मजबूरी में आलू कौड़ियों के दाम बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी में आलू के थोक में रेट 180-200 रुपये प्रति बोरा हैं। इससे किसान पस्त हैं।
क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। कैसरा, अम्हेड़ा, शाहबाजपुर गुर्जर, मोहनपुर, नसीरपुर, इंदरपुर, धनौरी खुर्द, मोहम्मदपुर पट्टी, तोमड़ा, खाबड़ी, ढयोटी, चौहड़पुर बगद, ततारपुर गर्बी, मुर्गपुर, लालापुरी, आजमपुर, दांडी, आशिकपुरा, रामपुर तगा, दिसौरा, मिठठनपुर, डींगरा, शाहपुर रझेड़ा, मलकपुर, बिहापुरी, कमालपुर, मुसल्लेपुर, सलानंगला, लाडनपुर, रमपुरा, कंजरबसेड़ा आदि गांवों में आलू की खेती की जाती है। हजारों किसानों ने अच्छे दाम मिलने की आस में आलू की फसल लगाई। लेकिन आलू की बंपर पैदावार व मांग में भारी कमी की वजह से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। लागत भी नहीं मिलने की वजह से आलू उत्पादक एक बार फिर से कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। जिले में आलू का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर है।