तिगरी गंगा का जलस्तर बढ़ने पर जलमग्न हुई पुरोहितों की झोपड़ी।
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बिजनौर बैराज से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से तिगरी गंगा में उफान आ गया है। इतना ही नहीं गंगा के बढ़े जलस्तर में घाट पर स्थित पुरोहितों की झोपड़ियां भी जलमग्न हो गईं। ऐसे में अब लोगों के अंदर बाढ़ का डर मंडराने लगा है। वहीं तेजी के साथ बढ़े गंगा के जलस्तर को देखकर बाढ़ खंड विभाग के भी खलबली मच गई है। विभाग द्वारा अब लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश होने से बिजनौर व हरिद्वार बैराज के डैम भी फुल होने लगे हैं। यही कारण है कि सोमवार की सुबह आठ बजे बिजनौर बैराज से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहां से पानी छोड़ने के लगभग 7-8 घंटे के बाद पानी तिगरी गंगा में पहुंचने पर जलस्तर में इजाफा हो गया। अचानक से बढ़े जलस्तर के कारण गंगा का दायरा भी फैल गया है।
ऐसे में घाट पर स्थित पुरोहितों की झोपड़ियां, तख्त समेत अन्य सामान भी जलमग्न हो गया है। इससे अब उन्हें बाढ़ का खतरा सताने लगा है। उधर, अचानक से हुई गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से गंगा किनारे पर बसे गांवों के ग्रामीणों में भी हलचल शुरू हो गई है। बाढ़ खंड विभाग द्वारा गंगा किनारे के लोगों को सतर्कता के साथ रहने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। पहाड़ों और अगर बारिश हुई तो जलस्तर और बढ़ सकता है।