बीवी सायरा बेगम के साथ मिलकर नेपाल और देश की पांच हजार से अधिक लड़कियों को जीबी रोड के कोठों पर नीलाम कर चुके आफाक बाकरी का गंदा धंधा सरहद पार तक फैला था। आफाक बाकरी सऊदी अरब में शेखों की मंडियों मे लड़कियों को नीलाम करता था। शेख फोटो देखकर लड़कियां पसंद करते थे और फिर आफाक को लड़कियों के साथ सऊदी अरब बुलाकर सौदेबाजी होती थी। अच्छी शक्ल सूरत वाली लड़कियों के लिए शेखों में बाकायदा बोली लगती थी।
बेलदार से अरबपति बना अमरोहा के कस्बा उझारी का आफाक बाकरी फ्रेश रिक्रूटमेंट को पहले शेखों की मंडी में नीलाम करता था। शेख को लड़की पसंद आने पर आफाक को मनमाफिक रकम मिल जाती थी।
यही वजह थी कि अपने नेटवर्क में नई लड़कियां आते ही आफाक बाकरी पहले उनकी तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए शेखों के पास सऊदी अरब भेजता था। आफाक की कोशिश रहती थी कि कम उम्र की लड़कियों को किसी तरह उलझाकर जीबी रोड तक ले आए। आफाक ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने उगला है कि वह सौ से अधिक लड़कियों को सऊदी अरब में ले जाकर नीलाम कर चुका है।
सऊदी अरब में लड़कियां शेखों तक पहुंचाने का काम बिल्ली करता था। शेखों की मंडी में बाकायदा लड़कियों के लिए बोली लगाई जाती थी। आफाक ने उगला है कि उसने मासूम और लाचार लड़कियों को फंसाकर सीधे सऊदी अरब में ले जाकर बेच दिया। अब ये लड़कियां कहां हैं, खुद आफाक को भी नहीं मालूम।
उझारी में सेठ के नाम से जाना जाता है आफाक बाकरी
हसनपुर (ब्यूरो)। जिस इलाके में आफाक बाकरी ने जन्म लिया, जहां की गलियों में वह खेला व बड़ा हुआ। आज तक लोग वहां आफाक बाकरी को आफाक सेठ के नाम से जानते हैं। उन्हें नहीं मालूम था कि जिसे वह सेठ कहते हैं, वह जिस्मफरोशी जैसे गलीज धंधे से जुड़ा है।
उझारी में आफाक बाकरी का काफिला आता था तो पूरी चर्चा हो जाती थी। आज तो उसके काफिले में सात लग्जरी गाड़ियां है। वह हर बार नई गाड़ी में सवार होकर उझारी में आता था। इस दौरान जो भी उसकी चौखट पर चढ़ जाता था उसे बाकरी कभी खाली हाथ नहीं लौटाता था। हजार-पांच सौ रुपये देकर उसका हालचाल पूछता था।