गजरौला। बेमौसम बारिश से खादर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है। गंगा के पानी से प्रभावित इलाकों में फसल का नुकसान ज्यादा है। इससे गेहूं, सरसों, आलू और जौ की बुवाई पिछड़ने के साथ पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। धान की तैयार फसल काटने में भी किसानों को परेशानी होगी।
चकनवाला के श्रीपाल सिंह, जसवीर सिंह, गौतम नागर, अमित बैंसला, शीशों वाली के हरपाल सिंह, दारानगर के मंगत सिंह व श्यौराज सिंह, मुरादपुर के सोनू भड़ाना व जगपाल सिंह, मोहरका पट्टी के रसीद प्रधान व तस्लीम और कांकाठेर के सुरेश खड़गवंशी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित खेतों में पहले से पानी भरा था। किसान पानी सूखने और नमी कम होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि खेतों की जुताई कर गेहूं आदि की बुवाई कर सकें। अब बारिश से पानी और बढ़ गया है। खेतों को सूखने और जुताई योग्य होने में लंबा समय लगेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एके मिश्र ने बताया कि बेमौसम बारिश सभी फसलों के लिए नुकसानदायक है।